जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे ग्रामीण

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रज्जीगंज-पचमा निर्माणाधीन पुल पर संवेदक की लापरवाही से बढ़ी परेशानी

तीन पंचायतों का आवागमन प्रभावित होने का खतरा

कोढा /कटिहार-कोढ़ा प्रखंड के फुलवरिया पंचायत अंतर्गत पचमा चौक से सेमापुर को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क पर निर्माणाधीन पुल के पास बना डायवर्सन ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। लगातार बारिश के कारण डायवर्सन पर पानी बहने लगा है, जिससे स्कूली बच्चों, किसानों, मजदूरों और आम राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत गंगा-दर्जिलिंग सड़क से जुड़ी करीब 9 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी प्राक्कलित राशि लगभग 18 करोड़ 92 लाख रुपये बताई जा रही है। इसी सड़क पर रज्जीगंज-पचमा के समीप पुराने पुल को तोड़कर नया पुल बनाया जा रहा है। लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर बनाया गया अस्थायी डायवर्सन अब लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया है।
स्थानीय लोगों में गौतम, महेश,रणजीत और उमाकांत ने आरोप लगाया है कि संवेदक द्वारा मानक के अनुरूप डायवर्सन नहीं बनाया गया। डायवर्सन में लगाया गया पाइप भी टूट चुका है, जिससे पानी का बहाव तेज हो गया है। कांग्रेस युवा मोर्चा के विधानसभा अध्यक्ष मुरारी कुमार दास ने कहा कि संवेदक की लापरवाही के कारण आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि पिछले दो माह पूर्व पुराने पुल को तोड़ दिया गया था और जल्दबाजी में बगल से अस्थायी डायवर्सन बना दिया गया। लगातार बारिश के बाद अब स्थिति और गंभीर हो गई है। खासकर स्कूली बच्चों के नदी में बहने या डूबने की आशंका से अभिभावकों में डर का माहौल है।घुरल सिंह, चंद्रशेखर महतो, परमानंद महतो एवं सदानंद महतो सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि यदि मानसून में भारी बारिश हुई तो तीन पंचायतों का संपर्क पूरी तरह बाधित हो सकता है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर संवेदक ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि प्राक्कलन में डायवर्सन निर्माण का प्रावधान नहीं है।स्थानीय समाजसेवी पुतुल झा ने जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर सुरक्षित एवं स्थायी डायवर्सन निर्माण कराने की मांग की है, ताकि आम लोगों का आवागमन सुचारु हो सके और किसी बड़े हादसे से बचाव हो सके।

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