सरकारी गेहूं की कालाबाजारी मामला: प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने की गोदाम की जांच

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विजय कुमार साह/टेढ़ागाछ

टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र स्थित भोरहा पंचायत के फुलबारी गांव में ग्रामीणों द्वारा सरकारी गेहूं की 6 बोरियां पकड़े जाने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को हुई इस घटना के बाद गुरुवार को प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी विजय विश्वास ने फुलबारी स्थित जन वितरण प्रणाली गोदाम का औचक निरीक्षण किया।

जांच के संबंध में आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि गोदाम का भौतिक सत्यापन करने पर फिलहाल स्टॉक सही पाया गया है। हालांकि, कालाबाजारी के प्रयास को गंभीरता से लेते हुए विभाग दोषियों की पहचान में जुट गया है। आपूर्ति पदाधिकारी विजय विश्वास ने कहा कि अनाज की बोरियां साइकिल पर लादकर ले जा रहे संदिग्धों की तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों के जरिए दोनों तस्करों की पहचान की जा रही है।

इस मामले में टेढ़ागाछ थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच के बाद यह साफ हो पाएगा कि यह सरकारी अनाज किस डीलर का था और इसे कहां खपाने की तैयारी थी। बताते चले कि बुधवार दोपहर करीब 1 बजे फुलबारी गांव के ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए साइकिल से ले जाई जा रही 6 बोरी सरकारी गेहूं को पकड़ा था।

स्थानीय युवक मुअज्जम आरज़ू समेत अन्य ग्रामीणों ने गरीबों के राशन की कालाबाजारी के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। किशनगंज एसडीओ के निर्देश पर बुधवार शाम को ही सब इंस्पेक्टर विकास कुमार और राजस्व कर्मियों ने अनाज को जब्त कर लिया था, जिसके बाद आज आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में सीमा सुरक्षा बल की कार्यशैली को लेकर भी भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में एसएसबी की 24 घंटे कड़ी पहरेदारी के बावजूद अनाज, शराब, खाद और मवेशियों की तस्करी कैसे हो रही है? स्थानीय जनता ने मांग की है कि एसएसबी के द्वारा पिछले कई महीनों में तस्करी रोकने के लिए किए गए प्रयासों और जब्त सामानों का ब्यौरा जागरूकता अभियान के माध्यम से जनता के बीच रखे।

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