पटना :बिहार सरकार ने “समाधान शिविर” को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। 19 मई को जिलों में आयोजित होने वाले समाधान शिविर में अब प्रभारी मंत्रियों की मौजूदगी अनिवार्य नहीं होगी। इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने नया निर्देश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार, यदि जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक नहीं भी हो पाती है, तब भी समाधान शिविर आयोजित किए जा सकेंगे। सरकार का कहना है कि जन शिकायतों के त्वरित समाधान की प्रक्रिया किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।
इस संबंध में विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों के आप्त सचिवों को पत्र भेजकर जानकारी दी है। साथ ही जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को भी नए निर्देश से अवगत कराया गया है।
बताया गया है कि 16 मई को जारी पूर्व पत्र में संशोधन करते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का उद्देश्य समाधान शिविरों के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का तेजी से निपटारा सुनिश्चित करना है।























