संभावित बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

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जिला पदाधिकारी  विशाल राज की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ पूर्व तैयारियों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा विभिन्न विभागों की समन्वित कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में वर्षा मापक यंत्र की उपलब्धता, बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों एवं संकटग्रस्त समूहों की पहचान, नजरी नक्शा तैयार करने, तटबंधों की सुरक्षा, सूचना व्यवस्था, अंचल क्षेत्र में उपलब्ध नावों का आकलन, सत्तू, नमक, चूड़ा, गुड़, मोमबत्ती, दियासलाई, किरासन तेल आदि आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता, दर निर्धारण एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

साथ ही पॉलीथीन शीट क्रय, बाढ़ आश्रय स्थल एवं बाढ़ शरण स्थलों की पहचान, सामुदायिक रसोई केन्द्रों की व्यवस्था, मानव दवा की उपलब्धता, मोबाईल मेडिकल टीम एवं मेडिकल कैम्प, पशु चारा एवं पशु दवा की उपलब्धता, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, जेनरेटर सेट, पेट्रोमेक्स एवं महाजाल की उपलब्धता तथा सड़कों की मरम्मती कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

जिला पदाधिकारी ने नावों, लाइफ जैकेट एवं मोटर बोट के आकस्मिक परिनियोजन की तैयारी सुनिश्चित करने, नोडल पदाधिकारियों एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स के नामांकन, जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र-सह-नियंत्रण कक्ष (DEOC-CR) की सुदृढ़ व्यवस्था तथा गोताखोरों एवं समुदाय के प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया। राहत एवं बचाव दल के गठन, मॉक ड्रिल, बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची के अद्यतनीकरण तथा राहत राशि के व्यय की निगरानी को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक में आकस्मिक फसल योजना, सहयोग शिविर एवं जनगणना से संबंधित विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने जनसंवाद से प्राप्त लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया तथा कहा कि प्रत्येक लंबित आवेदन की व्यक्तिगत समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई की जाए।

प्रभारी सचिव के प्रस्तावित दौरे एवं सहयोग शिविर भ्रमण की तैयारियों को लेकर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।

जनगणना कार्य की समीक्षा करते हुए सेल्फ एन्यूमरेशन फॉर्म के उपयोग एवं उसमें आवश्यक सुधार को लेकर निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने तीन से चार दिनों के भीतर सेल्फ एन्यूमरेशन कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।

बैठक में बताया गया कि किसान पंजीकरण कार्य 20 मई से प्रारंभ होगा। इसके लिए सभी प्रखंडों में आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में 19 मई को सहयोग शिविर आयोजित नहीं हो रहा है, वहां किसान पंजीकरण कार्य में विशेष प्रगति सुनिश्चित की जाए।

सभी अंचल अधिकारियों को नाव संचालकों के साथ बैठक करने, पिछले पांच वर्षों में मत्स्य विभाग द्वारा वितरित नाव एवं लाइफ जैकेट का प्रतिवेदन प्राप्त करने तथा सरकारी नावों की मरम्मती कर उन्हें उपयोग हेतु तैयार रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही निजी नावों का निबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिला पदाधिकारी ने बाढ़ आश्रय स्थलों की मरम्मती, सामुदायिक रसोई घरों की तैयारी तथा चापाकलों की मरम्मती कर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पीएचईडी विभाग को चापाकल मरम्मती का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।

बैठक में पब्लिक अनाउंस सिस्टम को हर समय तैयार रखने, लाइफ जैकेट को सुरक्षित भंडारित करने तथा गोताखोरों की सूची मोबाइल नंबर सहित तैयार रखने का निर्देश दिया गया। लंबित आपदा मित्रों के बकाया भुगतान शीघ्र करने तथा 31 मई से पूर्व आपदा मित्रों के साथ बैठक आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया।

जिला पदाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के आधार सत्यापन के उपरांत सम्पूर्ति पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा दो सप्ताह के भीतर पोर्टल को अद्यतन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार का नाम दो बार दर्ज हो गया है तो उसे तत्काल हटाया जाए।

बैठक में एडीएम श्री अमरेन्द्र कुमार पंकज, डीडीसी श्री प्रदीप कुमार झा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री जफर आलम, वरीय उपसमाहर्ता श्रीमती सुनीता कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी श्री अनिकेत कुमार, जिला योजना पदाधिकारी -सह- जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री कुंदन कुमार सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

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