मनिहारी /कटिहार – लोक आस्था के इस महापर्व पर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ अर्पण करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। व्रती महिलाओं और पुरुषों ने विधि-विधान से पूजन करते हुए लोक मंगल, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। गंगा घाटों पर सुबह से ही साफ-सफाई और सजावट का विशेष इंतजाम किया गया था।
जैसे ही सूर्यास्त का समय नजदीक आया, घाटों पर दीपों की रोशनी और छठ गीतों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा। व्रतियों ने जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को दूध, गंगाजल और फल-फूल से अर्घ अर्पित किया। छठ पर्व प्रकृति और सूर्य उपासना का अनूठा संगम है। जिसमें भगवान भास्कर को एकमात्र मूर्त देवता मानकर उनकी आराधना की जाती है।
यह पर्व पूरी तरह स्वच्छता, संयम और श्रद्धा का प्रतीक है। मान्यता है कि छठ व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।
इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से पूजा-अर्चना कर सकें।इस मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी त्रिलोकी नाथ सिंह,एसडीपीओ बिनोद कुमार, आरओ रामसागर पासवान सुरक्षा इंतजाम का लेते देखे गये। नगर निगम पूर्णियां के नगर आयुक्त कुमार मंगलम, मनिहारी नगर पंचायत मुख्य पार्षद लाखो यादव ने भी भगवान भाष्कर को अर्घ अर्पित किये।
























