रमजान के तीसरे जुम्मे पर मस्जिदों में उमड़ी भीड़, अमन-चैन और खुशहाली के लिए मांगी गई खास दुआएं।

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टेढ़ागाछ (किशनगंज) विजय कुमार साह

पवित्र रमजान माह के तीसरे जुम्मे के अवसर पर टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। फुलवारी पंचायत के फुलबड़िया स्थित जामा मस्जिद सहित आसपास की मस्जिदों में रोजेदारों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए खास दुआएं मांगी। नमाज के दौरान मस्जिदों में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला और हर तरफ इबादत की फिजा कायम रही।


फुलबड़िया जामा मस्जिद के इमाम हाफिज मोहम्मद जफर आलम ने अपने बयान में रमजान की फज़ीलत और अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना सब्र, इबादत, इंसानियत और भाईचारे का पैगाम लेकर आता है। यह महीना बंदों के लिए अल्लाह की खास रहमत और बरकत लेकर आता है।

इस पाक महीने में की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है और अल्लाह तआला अपने बंदों की सच्चे दिल से की गई दुआओं को कबूल फरमाता है।उन्होंने आगे कहा कि रमजान को रहमत, बरकत और मग़फिरत का महीना कहा गया है। इस दौरान लोग रोजा रखकर खुदा की इबादत करते हैं और अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। रोजा इंसान को परहेजगारी, तक़वा और जरूरतमंदों के प्रति हमदर्दी का भाव सिखाता है।

रमजान का मकसद केवल भूखा-प्यासा रहना नहीं बल्कि अपने अंदर अच्छे गुणों को अपनाना और समाज में प्रेम व भाईचारा बढ़ाना है। इमाम साहब ने बताया कि रमजान के दूसरे अशरे की शुरुआत रहमत के साथ हो चुकी है और लोग पूरे एहतराम और अकीदत के साथ रोजे रख रहे हैं। जुम्मे की नमाज को लेकर मस्जिद परिसर में विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नमाज अदा करने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी लोग मस्जिद पहुंचे थे।


नमाज के बाद रोजेदारों ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी और समाज में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और सौहार्द को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। पूरे क्षेत्र में रमजान के तीसरे जुम्मे को लेकर खास रौनक और धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। मस्जिदों में इबादत के साथ-साथ लोगों ने देश और समाज की तरक्की के लिए भी दुआएं मांगी।

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