ध्वस्त सड़क बनी ग्रामीणों के लिए मुसीबत, तेघरिया–गिल्हनी मार्ग पर पुल व पक्की सड़क निर्माण की मांग तेज

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टेढ़ागाछ (किशनगंज) विजय कुमार साह

टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बैगना पंचायत के वार्ड संख्या 3 स्थित महादलित टोला तेघरिया गांव के समीप पिछले करीब 20 वर्षों से कच्ची सड़क का एक बड़ा हिस्सा बीचो-बीच ध्वस्त पड़ा हुआ है। सड़क के ध्वस्त होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग तेघरिया गांव से गिल्हनी गांव को जोड़ता है और लगभग तीन किलोमीटर तक कच्ची सड़क से होकर गुजरता है।

स्थानीय वार्ड सदस्य नारायण मांझी एवं पंचायत समिति प्रतिनिधि संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर सांसद, विधायक तथा जिला पदाधिकारी को दर्जनों बार लिखित आवेदन दिया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक न तो सड़क की मरम्मत की गई है और न ही पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल हुई है। उन्होंने कहा कि वर्षों से उपेक्षित इस मार्ग के कारण ग्रामीणों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, सुखाड़ के दिनों में किसी तरह पैदल, साइकिल या मोटरसाइकिल से आवागमन संभव हो पाता है, लेकिन बरसात के मौसम में पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। सड़क का ध्वस्त हिस्सा तालाब का रूप ले लेता है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। खासकर स्कूली छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

बरसात के दिनों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और कई बार उन्हें विद्यालय जाना भी संभव नहीं हो पाता।स्थानीय ग्रामीण चंद्र मोहन सिंह, प्रेमलाल मांझी, सरवन कुमार मांझी, उमेश मांझी, संजीव कुमार सिंह, रोहित कुमार सिंह, दिनेश मांझी सहित दर्जनों लोगों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से शीघ्र पुल एवं पक्की सड़क निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मार्ग पर पक्की सड़क और पुल का निर्माण हो जाए तो न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो जाएगी।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस वर्षों पुरानी समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और ग्रामीणों को राहत मिलती है।

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