किशनगंज/पोठिया/राज कुमार
मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत पोठिया प्रखंड के बुधरा पंचायत में निर्माणाधीन सड़क अब विवाद का केंद्र बन गई है। पतिलाभाषा सड़क से पोठिया बस्ती सरपंच टोला तक बन रही सड़क में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि संवेदक नियम और डीपीआर को दरकिनार कर मनमाने ढंग से सड़क निर्माण करा रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार स्वीकृत डीपीआर में सड़क पतिलाभाषा पथ से पोठिया बस्ती सरपंच टोला होते हुए बड़ापोखर नौकट्टा मुख्य सड़क से जुड़नी थी। लेकिन संवेदक ने सड़क की दिशा ही बदल दी। आरोप है कि सड़क को ऐसी जगह बनाया जा रहा है, जहां पहले से आदिवासी समुदाय की आबादी, रैयती जमीन और सार्वजनिक उपयोग की भूमि मौजूद है।
आदिवासी हाई स्कूल टोले के ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत योजना से पूर्व में यहां पेवर ब्लॉक का कार्य कराया गया था। संवेदक ने उस सोलिंग को उखाड़ कर फेंक दिया और निजी जमीन पर निम्न गुणवत्ता का बेडमिसाली बिछाकर काम शुरू कर दिया। इससे न केवल सरकारी राशि की बर्बादी हुई है, बल्कि ग्रामीणों की जमीन को भी नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीणों की नाराजगी यहीं तक सीमित नहीं है। गांव के लोगों ने बताया कि प्रखंड मुख्यालय का एकमात्र बड़ा खेल मैदान इसी गांव में है। उसी मैदान से सड़क बनाई जा रही है। इससे बच्चों और युवाओं के लिए खेल का एकमात्र स्थान खत्म होने की कगार पर है। जोएल मुर्मू, कुटु बास्की, विनोद टुडू, पप्पू सोरेन और रवि टुडू ने आरोप लगाया कि ठीकेदार जबरन खेल मैदान को तोड़कर सड़क निकाल रहा है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी विशाल राज से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ठीकेदार जल्दबाजी में काम को जैसे तैसे पूरा कर भुगतान लेने की तैयारी में है।
प्रखंड प्रमुख शाद मुबारक अली ने भी निर्माण कार्य पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि काम शुरू होने के बाद अब तक संबंधित विभाग का कोई भी अधिकारी स्थल पर नहीं पहुंचा। निगरानी के अभाव में संवेदक मनमाने तरीके से काम करा रहे हैं।
वरिष्ठ भाजपा नेता संजय उपाध्याय ने कहा कि पोठिया प्रखंड में सड़क निर्माण में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाईस्कूल टोले के आदिवासी समुदाय से सड़क निर्माण में हेरफेर की शिकायत मिली है। इस मामले में वरीय अधिकारियों से उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी।
संवेदक पक्ष का बयान
इस मामले में संवेदक राधिका कुमारी के प्रतिनिधि देवा महतो ने आरोपों को आंशिक रूप से खारिज किया। उन्होंने कहा कि बड़ापोखर नौकट्टा तक सड़क निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली थी। विभाग के निर्देश पर ही हाईस्कूल टोले में सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
फिलहाल ग्रामीणों के विरोध और आरोपों के बाद प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन जांच कर क्या कार्रवाई करता है और ग्रामीणों को न्याय मिल पाता है या नहीं।



























