किशनगंज/रणविजय
जिले में बहादुरगंज प्रखंड के नटुआपाड़ा पंचायत के सकोर मौजा के बाद अब ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत सुखानी थाना क्षेत्र के भेलागुड़ी मौजा में भी संभावित सैन्य कैंप की सुगबुगाहट से स्थानीय ग्रामीणों को अपनी पुश्तैनी जमीन छिन जाने का डर सताने लगा है. मामले को लेकर शुक्रवार के दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण उक्त जमीन पर जमा हो गए, जिसमें बूढ़े बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे तक शामिल थें. ग्रामीणों ने एकजुटता के साथ कड़ी आपत्ति जताते हुए जिला प्रशासन से इसपर रोक लगाने की मांग की है।
खबर की सूचना मिलते ही सुखानी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी. अंचलाधिकारी ठाकुरगंज को भी इसकी सूचना ग्रामीणों ने फोन पर देकर मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की शिकायत से रु ब रू होने का आग्रह किया गया था, किंतु वे किसी कारणवश नही पहुंच पाए. हालांकि ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला पदाधिकारी के नाम से एक आवेदन तैयार कर देर शाम को अंचलाधिकारी को सौंपने की जानकारी दी है.
स्थानीय ग्रामीण रियाज अहमद, मो इब्राहिम, तौफीक आलम, सईदुर्रहमान, मो आजाद, अब्दुल गनी समेत अन्य दर्जनों ग्रामीणों ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए उक्त भूमि के संदर्भ में लिखा है कि उक्त भूमि के आसपास दशकों से सैकड़ों परिवार बस रहे है, सभी लोग लघु और मजदूर किस्म के हैं, कैंप बनने से उनकी कृषि योग्य भूमि समाप्त हो जाएंगे जिससे वे भूमिहीन हो जाएंगे. गांव के एक तरह हाइवे मार्ग, रेल मार्ग है जिस कारण उक्त खाली बचे जमीन पर ही अब क्षेत्र के किसानों की नई और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य टिका है. संबंधित भूमि पर मस्जिद, मंदिर, कब्रिस्तान ईदगाह के होने का भी जिक्र किया गया है.
इस क्षेत्र के अधिकांश लोग खेती-बारी पर निर्भर हैं, जमीन जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का भी गंभीर संकट पैदा हो जाएगा. जिला पदाधिकारी को लिखे गए आवेदन में मांग की गई है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस संभावित सैन्य कैंप के प्रस्ताव को निरस्त किया जाए या इसे अन्य जगह पर स्थानांतरित किया जाए. मौके पर संबंधित तातपौआ पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रसमुद्दीन फैज एवम जिला पार्षद अब्दुल गनी समेत कई अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद थें.



























