उपलब्धि:6 वर्षीय ज्येश बने बिहार के सबसे कम उम्र फिडे रेटेड अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी

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किशनगंज शहर के 6 वर्षीय जयेश ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए जिले का नाम रौशन किया है।शहर के ठाकुरबाड़ी रोड निवासी शेखर कुमार साहा एवं श्रीमती सप्तमिता घोष के छह वर्षीय पुत्र तथा कक्षा एक के विद्यार्थी ज्येश शेखर साहा ने अल्पायु में शतरंज के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बिहार के कनिष्ठतम अंतर्राष्ट्रीय फिडे रेटेड खिलाड़ी बनने का गौरव प्राप्त किया है। अंतर्राष्ट्रीय शतरंज नियामक संस्था फिडे (FIDE) द्वारा उन्हें 1428 की फिडे रेटिंग प्रदान की गई है।

उक्त जानकारी जिला शतरंज संघ के मानद महासचिव शंकर नारायण दत्ता एवं वरीय संयुक्त सचिव तथा अंतर्राष्ट्रीय शतरंज प्रशिक्षक कमल कर्मकार ने दी। उन्होंने बताया कि ज्येश ने यह उपलब्धि हाल ही में गुवाहाटी में आयोजित नेशनल स्कूल चेस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर अर्जित की। इसके साथ ही, एक तारीख को गुवाहाटी में आयोजित डब्ल्यूएमए अंतर्राष्ट्रीय फिडे रेटेड ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता के अंडर-7 आयु वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रभावी परिचय दिया।

खिलाड़ी की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला शतरंज संघ विशाल राज ने ज्येश को अपने कार्यालय कक्ष में आमंत्रित कर बधाई दी। इस अवसर पर उपस्थित खिलाड़ी के पिता शेखर कुमार साहा, दादाजी शंकर प्रसाद साहा, अन्य परिजन तथा उनके प्रशिक्षक चेस क्रॉप्स अकादमी के प्रमुख कमल कर्मकार एवं सौरभ कुमार की भी उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि अभिभावकों का सतत सहयोग, त्याग एवं परिश्रम तथा प्रशिक्षकों का कुशल मार्गदर्शन किसी भी खिलाड़ी की सफलता की मजबूत नींव होता है।

ज्येश की इस उपलब्धि पर संघ के वरीय मुख्य संरक्षक डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, संरक्षक त्रिलोक चंद्र जैन, सुशांत गोप, तौसीफ आलम, कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती आंची देवी जैन, युगल किशोर तोषनीवाल, डॉ राजकरण दफ्तरी, डॉ इच्छित भारत, धनंजय जायसवाल, श्रीमती ए कविता जूलियाना, कमल मित्तल, डॉ शेखर जालान, उपाध्यक्ष उदय शंकर दुबे, मोहम्मद कलीमुद्दीन, राकेश जैन, बिमल मित्तल, डॉक्टर एम आलम ,मनोज गट्टानी, अंकित अग्रवाल, विनीत अग्रवाल ,दीप कुमार सहित अनेक पदाधिकारियों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही डॉक्टर शंभू प्रसाद साहा एवं डॉक्टर सिद्धार्थ कुमार ने भी कहा कि उनके परिवार के बच्चे की यह उपलब्धि उन सभी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।

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