सुपौल।सोनू कुमार भगत
शिक्षा विभाग द्वारा 1120 शिक्षकों से ई-शिक्षा कोष पर हाजिरी नहीं बनाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग का हैरतअंगेज कारनामा यह कि मृत शिक्षकों को जिंदा मान लिया गया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने जिन ऐसे शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है उनमें से कई का निधन हो चुका है तो कुछ सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कुछ निलंबित चल रहे हैं तो कुछ ने शिक्षा विभाग को अपनी सेवा देनी बंद कर दी है. विभाग का यह स्पष्टीकरण चर्चा का विषय बना हुआ है।
इधर शिक्षक संघ ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कड़ी आपत्ति जताई है.जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ने गुरुवार को 1120 शिक्षकों से ई शिक्षा कोष एप पर हाजिरी नहीं बनाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। इसमें यह बातें सामने आई हैं। डीपीओ ने स्पष्टीकरण के माध्यम से कहा है कि ई-शिक्षा कोष एप की समीक्षा में पाया गया है कि 1220 शिक्षकों ने ई शिक्षा कोष एप पर उपस्थिति दर्ज नहीं की है. इसको लेकर 24 घंटा के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा गया ।
अब हाल यह है कि अमर कुमार पाठक, मध्य विद्यालय चैनपुर का चार साल पहले निधन हो गया है। छातापुर की फूल कुमारी, सुपौल के प्रेम कुमार राय, पिपरा की ऊषा कुमारी, त्रिवेणीगंज के शिव कुमार और राजीव रंजन अब इस दुनिया में नहीं हैं. कभी ये सभी शिक्षक के रूप में विभाग को अपनी सेवा दे रहे थे। अब लोगों का कहना है कि इनसे स्पष्टीकरण कैसे मांगा गया और जवाब देने कौन आएंगे।
इधर शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सह जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने ई-शिक्षा कोष एप की विश्वसनीयता ही सवालों के घेरे में है. ई-शिक्षा कोष एप सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा है. शिक्षक द्वारा एप पर उपस्थिति बनाने के बाद भी अनुपस्थित दिखाए जाने की शिकायत हर रोज मिल रही है। जो शिक्षक एवं शिक्षिका ई-शिक्षा कोष एप पर 20 मार्च को अनुपस्थित दिख रहे थे।
वे शुक्रवार को एप पर उपस्थित दिख रहे हैं.जिलाध्यक्ष ने कहा है कि इसके अलावा कहीं नेटवर्क की समस्या रहती है या फिर मोबाइल गड़बड़ रहता है। ऐसे में एप के आधार पर स्पष्टीकरण की मांग करना कहीं से भी न्यायोचित नहीं है।
अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग के आलोक में डीपीओ स्थापना ने खुद भौतिक उपस्थिति को अंतिम रूप से मान्य करार देने का आदेश दिया था। बावजूद इस तरह का पत्र निर्गत कर शिक्षक व शिक्षिका को बेवजह परेशान किया जा रहा है। कहा कि ई-शिक्षा कोष पूरी तरह त्रुटिपूर्ण है। इसे अविलंब हटाया नहीं गया तो संघ आंदोलन करेगा।