सुपौल/सोनू कुमार भगत
सुपौल जिले के छातापुर सदर पंचायत के वार्ड 8 स्थित बड़ी नरहैया गाँव के मदरसा जामिया इसलामिया अब हुरैरा में बीती रात वार्षिक इख्ततामी इजलास का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता कारी मो. शमीर साहब नूरी ने की। कार्यक्रम में मदरसे में पढ़ाई कर रहे छात्रों में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने वालें 85 छात्रों का हौसला अफजाई करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शामिल मदरसे के बच्चो एवं बच्चियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार वितरण भी किया गया। बच्चों को सम्मानित करने वालों में मो. अफरोज , डॉ. मो. जावेद आदि शामिल थे।

जिन लोगों ने बच्चों की हौसला अफजाई किया। इसके साथ ही वक्ताओं ने अभिभावको से अपने बच्चों को निश्चित रूप से तालीम देने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि सभी का शिक्षित होना आवश्यक है। कहा की जिस तरह पुरुष को शिक्षित किया जाना मुस्लमान अपना फर्ज समझते है। ठीक उसी प्रकार महिलाओं को भी दीनी तालीम देना अति आवश्यक है। कहा की बेटा और बेटी में फर्क ना करे। सभी को शिक्षित करना हर अभिभावक का दायित्व है।
शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि जिस दिन महिलाओ के अन्दर दोनी तालीम आम हो जायेगी उस दिन हमारी नस्तु खुद बखुद बुराईयों से बचेंगी। बताया की अब मदरसे में उर्दू, अरबी के साथ-साथ हिन्दी, अंग्रेजी की पढ़ाई हो रही है। सभी अपने बच्चों को तालीम निश्चित रूप से दे। जलसा कार्यक्रम में सम्मानित बच्चे जिन्होंने हाफिज की शिक्षा पूर्ण की उन्होंने भी अपनी बात रखी। जिसमें मो. मशूद , मो. सलमान, मो. हालमीन शामिल है। जिन्होंने कहा की शिक्षा मानव का धरोहर धन है।
जिन्हे प्राप्त करने के बाद कोई उनसे उन्हे छीन नही सकता है। वही नाजरा कुरान मुकम्मल करने वाली छात्रा अरशाना प्रवीण, नाजमा प्रवीण , खुशबू खातून ने कहा की बेटा बेटी को एक नजर से अभिभावक शिक्षा दे रहे है। जिसके बदौलत उन्हे भी यह शिक्षा प्राप्त हुई है।
कारी मोहम्मद तोहिद के संचालन में आयोजित
एक दीनी इस विशेष जलसे में मुख्य अतिथि के रूप में जामिया इस्लामिया दारूल उलूम नूरूल इस्लाम जलपापुर नेपाल के हजरत मौलाना साद साहब काशमी, साबिक उस्ताद हदीस, हजरत मौलाना गुलाम रसुल, टेकना के साहब काश्मी, समेत मुख्यालय पंचायत के
मौलाना मुबारक साहब मुजाहिरी, मौलाना सदरे आलम, कारी इनायतुल्ला, कारी मो. आरीफ साहब, उसमानी मौलाना इजराईल साहब, मौलाना साबान साहाब, कारी आरीफ साहब, कारी हंजला साहब, कारी राज्जाद नोमानी साहब, बदरू जमा, मुजाहिद आलम उर्फ हीरा, मो. आजाद
मो.अबुजर गफ्फारी, मो. शमशुल, मेराज साहब,
मो. रूस्तम, असद साहब, मेराज साहब मुकीम, महबुब, मो.इम्तियाज, मो. चाँद, मो. सम्बर मुजाहिद ,
मो.रूस्तम साहब, असद साहब, मेराज साहब मुकीम आदि मौजूद थे। वही मदरसा
मुहतमीम रहे कारी मो. असगर अली, जामई नाजिम तालिमात कारी मो. शमीर साहब नूरी, नाजिम मदरसा रहे कारी मो. तौहीद साहब सआदती, अंग्रेजी एवं गणित के शिक्षक रहे मास्टर मो. मनोवर अली, हिन्दी और
शिक्षक रहे मास्टर मो. अलताफ आदि लोगों के महत्ती भूमिका से आयोजित कार्यक्रम सफल रहा। यहां बता दे की इस मदरसे का सरपरस्त हजरत मौलाना मरगुब आलम नदवी हैं।



























