किशनगंज:जिला प्रतिरक्षण ने बच्चों को दवा पिलाकर सघन इन्द्रधनुष 4.0 अभियान के दुसरे चक्र की शुरुआत की

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दुसरे चक्र में 12155 बच्चों व 1782 गर्भवती महिलाओं को 730 सत्र स्थलों दिया जायेगा टीका


किशनगंज :सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 के दुसरे चक्र कार्यक्रम के तहत टीकाकरण के 100 प्रतिशत आच्छादन की प्राप्ति को लेकर किशनगंज जिले के सभी प्रखंडों में चयनित कूल 730 सत्र स्थलों पर 1782 गर्भवती महिलाओं एवं 12155 जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों का विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाव हेतु निःशुल्क टीकाकरण किया जाना है। जिसका विधिवत उद्धाटन जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र कुमार ने कोचाधामन में बच्ची को पोलियो की खुराक पिलाकर किया। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया मिशन इंद्रधनुष से बच्चों में होने वाली 7 प्रमुख बीमारियों तपेदिक, पोलियोमाइलाइटिस, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस और खसरा का खतरा कम होगा। इसमें खसरा रूबेला, रोटावायरस, हिमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप-बी और पोलियो के खिलाफ टीकों को शामिल करने के बाद इन टीकों की संख्या 12 हो गई है।अभियान की सफलता के लिये चिह्नित सत्र स्थानों पर घर- घर घूमकर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का सर्वे कर लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसे लेकर संबंधित सभी चिकित्सा पदाधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी, आशा, एएन्एम का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। सत्र के निर्धारण में कम आच्छादन वाले टीकाकरण सत्र व ऐसे जगहों को चिह्नित किया गया जहां बीते छह माह के दौरान कम से कम दो बार नियमित टीकाकरण सत्र संचालित नहीं हो सके हैं। ईंट भट्ठा, दूर-दराज के ग्रामीण इलाके, मलिन बस्तियां सहित अन्य स्थानों पर सत्र संचालन को प्राथमिकता दी गयी है। इस अभियान में अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा। साथ ही जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारियों के बीच प्रखंडों का विभाजन कर सघन अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण का दायित्व दिया गया है । अभियान की सफलता के लिये सभी प्रखंडों में प्रशिक्षित कर कार्य योजना एवं कम्युनिकेशन प्लान तैयार की गई है। प्रत्येक कार्य दिवस को संध्याकालीन बैठक कर कार्य प्रगति की समीक्षा की जाएगी। सेशनवार सभी जरूरी लॉजिस्टिक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने व टीकाकरण सत्रों की साज-सज्जा को लेकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये गये हैं।







जागरूकता को ले चलाया जा रहा अभियान-


सिविल सर्जन कौशल किशोर ने बताया कि जनसाधारण को अभियान के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष संचार योजना बनायी गयी है । साथ ही विभिन्न प्रचार माध्यमों का सहयोग लिया जा रहा है । गाँव से जिला स्तर पर लगातार लोगों को जागरूक करने हेतु प्रचार प्रसार की गतिविधियाँ सतत जारी है। उन्होंने बताया कि हर हालत में सर्वे रजिस्टर एंव ड्यू लिस्ट सभी सभी सत्रो पर शत-प्रतिशत अद्यतन होना चाहिए। बताया गया कि शत प्रतिशत बच्चे एवं गर्भवती का टीकाकरण कराया जाएगा। कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी पदाधिकारियों के द्वारा सतत निरीक्षण करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

नियमित टीकाकरण को बढ़ावा देना अभियान का उद्देश्य :


जिला प्रतिरक्षण पदाधिकरी डॉ. देवेन्द्र कुमार ने बताया कि वैश्विक महामारी के इस दौर में नियमित टीकाकरण की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इसमें सुधार के लिये विशेष प्रयास की जरूरत है। उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण से वंचित दो वर्ष तक के सभी बच्चों व सभी गर्भवती महिलाओं तक टीकाकरण की पहुंच सुनिश्चित कराना मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।उन्होंने बताया कि मिशन इन्द्रधनुष का तीसरा चरण 02 मई से शुरू होगा। गौरतलब है कि नियमित टीकाकरण के मामले में फिलहाल जिले की उपलब्धि 66 फीसदी के करीब है। 02 वर्ष उम्र तक के बच्चे व गर्भवती महिलाओं को मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत 100 फीसद तक ले जाने का प्रयास किया जायेगा।









सबसे ज्यादा पड़ गई
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