किशनगंज /प्रतिनिधि
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा शिवगंज बालुबारी स्थित महा शिवमंदिर-प्रागन मे दो दिवसीय कार्यक्रम भव्य वातावरण मे संपन्न किया गया। शिवमंदिर मे वैदिक पद्धिती परम्परा के अनुसार रात्रि शिव -विवाह कार्य महादीपयज्ञ , प्रज्ञा संगीत एवं प्रवचन के साथ संपन्न हुआ ।
वहीं दूसरे दिन गायत्री -यज्ञ विभिन्न प्रकार के संस्कार गुरुदेव द्वारा लिखित पुस्तक वितरण गायत्री मंत्र लेखन – पुस्तिका लोगो मे अध्यात्मिक – प्रेरणा जागृत करने के ख्याल से वितरण किया गया, साथ ही प्रयावरण सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए पौधा- रोपण कार्य संपन्न किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ प्रज्ञा पुत्र श्री श्यामानंद झा, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवा निवृत्त प्रधानाध्यापक ने कहा महाशिवरात्रि पर्व भगवत कथासार के मुताविक शिव- विवाह के रूप मे और स्कन्द – पुरान के अनुशार जन्म दिन के रूप मे मनाया जाता है। समुन्द्र मंथन के क्रम मे चौदह रत्नो की प्राप्ति हुई थी, जिसमे बिष भी शामिल है।बिष की ज्वाला से सृष्टि का विनाश होने से बचाने के लिए शिवजी ने बिष पीकर नीलकंठ बन गये थे । उसी प्रकार आज की परिस्थिति मे विश्व -वसुधा को बचाने के लिए वृक्ष लगाने की आवश्यकता है जो आज का शिव है।
प्रयावरण की शुद्धि, मानसिक परिशुद्धि, शारीरिक युद्धि, वैचारिक युद्धि के लिए यज्ञ की परम्परा चलाने की महत्ती आवश्यकता है।वैभव और विनाश के झूले मे झूल रही मानवता को उबराने के लिए उनकी आस्थाओ के मर्म स्थल तक पहुंचाना अति आवश्यक है और साथ ही मानवीय -गरिमा को उभरने के लिए यज्ञ की महत्ती आवश्यक है। ज्ञान और विज्ञान पक्ष पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि मानव- जीवन यज्ञमय होना चाहिए।

जैसे— रक्तदान यज्ञ,नेत्रदान यज्ञ,अंशदान यज्ञ,समायदान यज्ञ, ज्ञानदान यज्ञ,पदार्थ यज्ञ आदि मानव हितार्थ यज्ञ करना चाहिए।कार्यक्रम को सफल बनाने में कमलेश कुमार अधिवक्ता , श्री सखीलाल दास,चमन कुमार,दिलीप कुमार,लाल कुमार, राजू कुमार,केशो देवी,मोहनलाल दास ,राकेश कुमार,हेमंत चौधरी , हरिश्चन्द्र सिंह,सुदामा रांय मनीष पंडित जी, अन्नू देवी विमल पोद्दार, दीनबंधु दास,रामशरण सहनी, मनोज कुमार सिन्हा,तारा सिंह,परशुराम चौहान,मानिक चंद्र,पूजा देवी, प्रीति राय,मामोनी देवी,पुष्पा देवी,सूर्यो देव एवं ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।




























