अररिया/अरुण कुमार
राष्ट्रीय स्तर पर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली में जारी आंदोलन का असर अब बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी दिखाई देने लगा है। गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा से सटे अररिया जिले में छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
स्टूडेंट फ्रंट के बैनर तले आयोजित इस प्रोटेस्ट मार्च में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न मांगों और नारों से लिखी तख्तियां थीं। मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भी नारे लगाए।
प्रोटेस्ट मार्च की शुरुआत कोशी पुल से हुई, जहां से प्रदर्शनकारी शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए अररिया धरना स्थल पहुंचे। वहां सभी प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की मांग की।
विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे मार्च मार्ग एवं धरना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।





















