किशनगंज/सागर चंद्रा
नाबालिग के साथ हथियार के बल पर जबरन दुष्कर्म करने और घटना का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब पीड़िता घटना की शिकायत लेकर पहाड़ कट्टा थाने जा पहुंची। जहां पीड़िता के लिखित शिकायत पर आरोपी युवक सहित अन्य 13 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार पीड़िता के माता-पिता का देहांत हो जाने के बाद वह किसी तरह से अपना जीवन यापन कर रही थी। उसके घर के पड़ोस में ही रहने वाले युवक हाफिज आरजू की बुरी नीयत उसपर थी। वह अक्सर पीड़िता के साथ छेड़छाड़ करता रहता था। जिसका विरोध पीड़िता लगातार करती रहती थी।
गत जनवरी 2025 को हाफिज आरजू ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। पीड़िता के द्वारा शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। लेकिन माफी मांगने पर उसे कड़ी हिदायत देकर छोड़ दिया गया था। घटना के बाद दोनों परिवार के बीच बातचीत बंद हो गई थी। लेकिन आरोपी लगातार दोस्ती की कोशिश में लगा रहा। गत 10 दिसंबर 2025 को पीड़िता आरोपी की बहन से मिलने उसके घर गई।
लेकिन आरोपी के घर कोई नहीं था। जिसका फायदा उठाकर हाफिज आरजू ने उसे दबोच लिया चाकू की नोक पर जबरन दुष्कर्म किया। पूर्व की घटना का बदला लेने के लिए आरोपी ने अपने मोबाइल से घटना का वीडियो बना लिया। हाफिज आरजू सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर देने की धमकी देकर पीड़िता के साथ लगातार दुष्कर्म करने लगा।
पीड़िता ने जब अपने परिजनों को आरोपी के कुकृत्य की जानकारी दी तो वे पीड़िता पर ही बरस पड़े। जिससे आरोपी का हौसला दिन प्रतिदिन बढ़ता ही चला गया। आरोपी के द्वारा लगातार दुष्कर्म किए जाने से पीड़िता गर्भवती हो गई। जिसकी जानकारी मिलते ही आरोपी ने गर्भपात कराने की चेष्टा की। लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने पीड़िता के परिजनों के साथ सांठगांठ कर गत 15 मई को उसकी शादी गलगलिया थाना क्षेत्र निवासी युवक के साथ करा दी।
शादी के दो माह बाद संदेह होने पर पति उसे डॉक्टर के पास ले गया। जहां जांच में उसे 7 माह की गर्भवती पाया गया। जिसका खुलासा होते ही पति ने भी उसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया। नतीजतन गत 7 जुलाई को पीड़िता अपने घर वापस लौट गई।
लेकिन आरोपी ने पीड़िता के परिजनों के साथ मिलकर उसे अपने घर में प्रवेश करने से रोक दिया। पति और मायके वालों के द्वारा दुत्कारे जाने के बाद वह न्याय की गुहार लगाने एसपी के समक्ष जा पहुंची। जहां पीड़िता ने अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का डीएनए टेस्ट कराते हुए इंसाफ की मांग की। एसपी के निर्देश पर पहाड़कट्टा थाने में केस दर्ज कर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।



















