किशनगंज सांसद जावेद आजाद के बयान पर बवाल: संस्कृत को बताया विदेशी भाषा,भाजपा नेताओं ने साधा निशाना

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संवाददाता: अब्दुल करीम

किशनगंज से कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद अपने एक ताजा बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं।कांग्रेस सेवादल के एक धरने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने उर्दू को देश की अपनी भाषा बताते हुए संस्कृत और अंग्रेजी को बाहर से आई विदेशी भाषा करार दे दिया। सांसद के इस दावे के बाद सनातनी समाज और स्थानीय संगठनों में तीखा आक्रोश देखा जा रहा है।

पूरा मामला बीते सोमवार का है, जब सांसद डॉ. जावेद किशनगंज के अंबेडकर टाउन हॉल के पास कांग्रेस सेवा दल के धरने में शामिल होने पहुंचे थे। बिहार के नए डिग्री कॉलेजों से उर्दू विषय हटाए जाने के फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने कहा बिहार में उर्दू को दूसरी राजभाषा का दर्जा मिला हुआ है।

हम इसे इस तरह खत्म नहीं होने देंगे। उन्होंने आगे दावा किया कि उर्दू पूरी तरह हिंदुस्तान की मिट्टी में पैदा हुई भाषा है और यही यहां के लोगों की असली जुबान है।उन्होंने कहा कि संस्कृत और अंग्रेजी विदेशी भाषा है।उनके बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष सुशांत गोप ,भाजपा नेता प्रमोद चौधरी सहित अन्य नेताओं ने बयान को निंदनीय बताया है।


इस बयान के बाद अब क्षेत्र के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक सरगर्मी तेज होने के पूरे आसार हैं।वही कांग्रेस जिला अध्यक्ष शहाबुल अख्तर ने कहा कि सांसद डॉ जावेद आजाद ने संस्कृत भाषा का अपमान नहीं किया है और मामले को लेकर बेवजह विवाद पैदा किया जा रहा है जो कि अनुचित है

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