न्यूज लेमनचूस, पटना/सुपौल।
पत्रकारिता जगत में ‘वन मैन आर्मी’ के नाम से मशहूर, वॉइस ऑफ मीडिया व वॉइस ऑफ मीडिया इंटरनेशनल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सह महासचिव प्रवीण गोविन्द ने एक ऐसा ऐलान कर दिया है जिससे दलाल पत्रकारों के खेमे में हड़कंप मच गया है। श्री गोविन्द ने सीधे शब्दों में ‘दलाल पत्रकारों के मुंह पर कालिख पोतो अभियान’ का बिगुल फूंक दिया है।
श्री गोविन्द ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि शर्म आनी चाहिए उन भेड़ियों को जिन्हें अपनी मातृभाषा का ककहरा तक नहीं आता, लेकिन अपनी गाड़ियों पर ‘PRESS’ का टैग ऐसे चमकाते हैं जैसे वो तस्करी का कोई ग्लोबल वीआईपी लाइसेंस हो! ‘खबर’ और ‘कमीशन’ का अंतर भूल चुकी इस हरामखोर प्रजाति को अब बख्शा नहीं जाएगा। सदर अस्पताल के मुर्दाघर से लेकर पशु तस्करी के हाईवे तक और थाने से लेकर ब्लॉक तक फैले इन ‘सफेदपोश गिद्धों’ के साम्राज्य को वॉइस ऑफ मीडिया ने नेस्तनाबूद करने का कड़ा संकल्प ले लिया है।
एम्बुलेंस से सेटिंग और डॉक्टरों से कट: मानवता के नाम पर कलंक!
श्री गोविन्द ने कड़े लहजे में कहा कि सदर अस्पताल में गरीब मरीजों के खून पर पलने वाले ये दलाल पत्रकार समाज के सबसे बड़े और घिनौने अपराधी हैं। एम्बुलेंस वालों से सेटिंग, प्राइवेट जांच घरों से मोटा कमीशन और डॉक्टरों के साथ मिलकर जो ये ‘दलाली का हलवा’ चाट रहे हैं, वो दरअसल किसी गरीब मासूम की आखिरी उम्मीद का सौदा है। ये पत्रकार नहीं, बल्कि समाज के शरीर में लगे वो परजीवी हैं जो अंदर ही अंदर इसे खोखला कर रहे हैं।”
उन्होंने सीधे तौर पर सिस्टम को भी लपेटे में लेते हुए कहा कि अगर प्रशासन अब तक मौन है, तो साफ है कि इस ‘पाप-पुराण’ में तंत्र की मिलीभगत भी शामिल है। हालांकि, सुपौल के डीएम और एसपी की छवि एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की है, इसलिए उन्हें तुरंत जागना होगा और इस गंध को साफ करना होगा। मवेशियों से लदे ट्रकों को ‘लाइन क्लियर’ करवाने के लिए प्रेस की गाड़ियों को ढाल बनाना पत्रकारिता के इतिहास का सबसे काला और शर्मनाक अध्याय है। ये पत्रकार कहलाने के लायक नहीं, ये तो सिंडिकेट के ‘टुकड़ों पर पलने वाले पेड नौकर’ हैं!
याद करो 2022 का इतिहास, अब चुप्पी तोड़ी तो नस्लें थूकेंगी!
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण गोविन्द ने दहाड़ते हुए कहा कि 2022 का वो मंजर भूलिए मत, जब प्रेस क्लब ऑफ इंडो-नेपाल ने इन फर्जीवाड़ों की हेकड़ी निकाली थी। अब फिर से वो वक्त आ गया है जब सुपौल के असली और ईमानदार पत्रकारों को अपने घरों से बाहर निकलना होगा। आपकी चुप्पी ही इन भेड़ियों की असली ताकत है। अगर आज हम चुप रहे, तो आने वाली नस्लें हमें पत्रकार नहीं, बल्कि ‘दलालों का दलाल’ कहकर पुकारेंगी!
प्रशासन को दो टूक चेतावनी: कार्रवाई करो, वरना सरेआम पुतेगी कालिख!
वॉइस ऑफ मीडिया ने प्रशासन को खुली और आखिरी चेतावनी दे दी है— या तो इन दलाल पत्रकारों को जेल की सलाखों के पीछे भेजो, वरना वॉइस ऑफ मीडिया खुद इनके चेहरों पर सरेआम कालिख पोतकर इनका असली चेहरा दुनिया को दिखाएगी। श्री गोविन्द ने बताया कि सूबे के मुख्य अध्यक्ष राजेश दुबे जी से इस मुत्तलिक अंतिम दौर की चर्चा हो चुकी है। बहुत जल्द तारीख का ऐलान कर के इस ‘कालिख पोतो अभियान’ का श्रीगणेश कर दिया जाएगा। बोले, अब आर-पार की लड़ाई होगी… जो होगा, देखा जाएगा!
























