कुलभूषण सिंह/ठाकुरगंज
ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर शनिवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अमृत भारत एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान एक यात्री अचानक चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरा। कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं और बड़ा हादसा होने की आशंका पैदा हो गई। हालांकि, मौके पर तैनात आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर सुमन कुमार ने अद्भुत सतर्कता और त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल कार्रवाई की, जिससे यात्री को सुरक्षित बचा लिया गया और एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी जिले के थाना पसौनी अंतर्गत मदनपुर गांव निवासी मुकेश कुमार पासवान अपनी पत्नी और पुत्र के साथ ठाकुरगंज स्टेशन से सीतामढ़ी जाने के लिए ट्रेन संख्या 14663 एनजेपी–अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस में सवार होने पहुंचे थे। सुबह करीब 10:33 बजे ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के बाद यात्रियों की भारी भीड़ के कारण उन्हें ट्रेन में चढ़ने में परेशानी हो रही थी।
इसी दौरान ट्रेन ने प्रस्थान करना शुरू कर दिया। भीड़भाड़ को देखते हुए ट्रेन कुछ क्षणों के लिए रुकी, लेकिन जब ट्रेन दोबारा चलने लगी तो मुकेश कुमार पासवान एक हाथ में बैग लेकर जल्दबाजी में ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच की खतरनाक जगह में जा गिरे।
घटना को सामने से देख रहे आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर सुमन कुमार ने बिना एक पल गंवाए तत्काल गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवाने की कार्रवाई की। ट्रेन रुकते ही हेड कांस्टेबल चंद्र बहादुर कटवाल एवं अन्य रेलवे कर्मियों की मदद से प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंसे यात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। यात्री को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई, जिससे परिजनों समेत स्टेशन पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना के बाद मुकेश कुमार पासवान और उनके परिवार ने आरपीएफ टीम का आभार व्यक्त किया। उनकी पत्नी ने भावुक होकर कहा कि सब इंस्पेक्टर सुमन कुमार की तत्परता और साहस की वजह से उनके पति की जान बच सकी। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उनके पति को दूसरा जीवन मिल गया हो।
इस घटना ने एक बार फिर चलती ट्रेन में चढ़ने और उतरने के खतरों को उजागर किया है। आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर सुमन कुमार ने यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। थोड़ी सी जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों को हमेशा ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही चढ़ना या उतरना चाहिए।
आरपीएफ जवानों की सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण एक परिवार पर मंडरा रहा बड़ा संकट टल गया। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने भी आरपीएफ की इस मानवीय और साहसिक कार्रवाई की सराहना की। यह घटना रेलवे सुरक्षा बल की सजगता और यात्रियों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई।























