विजय कुमार साह/टेढ़ागाछ
टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित +2 उच्च विद्यालय टेढ़ागाछ में विगत लगभग 15 वर्षों से विद्यालय का कक्षा भवन अर्धनिर्मित रहने के कारण छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भवन निर्माण कार्य अधूरा रहने से विद्यालय में पर्याप्त कक्षाओं का अभाव बना हुआ है, जिसके चलते कई बार छात्रों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाई करानी पड़ती है।
बरसात और गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग को लिखित आवेदन भेजा गया है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि संसाधनों की कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
अधूरा भवन न केवल छात्रों की पढ़ाई में बाधा बन रहा है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का विषय बना हुआ है।
स्थानीय अभिभावकों ने भी प्रशासनिक उदासीनता पर नाराजगी जताई है।अभिभावकों का कहना है कि इस संबंध में क्षेत्र के सांसद एवं विधायक को भी कई बार लिखित आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों का भविष्य इससे प्रभावित हो रहा है।अभिभावकों ने बताया कि पर्याप्त कक्षा कक्ष नहीं होने के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई बाधित होती है।
कई बार खुले स्थान या बरामदे में पढ़ाई करानी पड़ती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई में केंद्रित नहीं हो पाता। छात्र-छात्राओं ने भी जल्द भवन निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों एवं अभिभावकों ने जिला पदाधिकारी विशाल राज तथा संबंधित विभाग से अविलंब हस्तक्षेप कर अधूरे भवन निर्माण कार्य को पूर्ण कराने की मांग की है, ताकि विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके और बच्चों के पठन-पाठन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


























