टेढ़ागाछ में एसएसबी का स्कूल सुरक्षा अभियान, बच्चों को सिखाए आपदा से बचाव के गुर

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किशनगंज/विजय कुमार साह

किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 12वीं बटालियन की किशनगंज सीमाचौकी पैकटोला द्वारा शुक्रवार को मध्य विद्यालय शीशगाछी में व्यापक स्कूल सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। राहत एवं बचाव दल (आरआरटी टीम) के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीण महिलाओं को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन बचाव कार्यों की व्यवहारिक जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में आपदा के समय सतर्कता, साहस और सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करना था।कार्यक्रम की शुरुआत भूकंप एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव संबंधी प्रशिक्षण से हुई। एसएसबी जवानों ने बच्चों को बताया कि भूकंप आने की स्थिति में घबराने के बजाय किस प्रकार सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए तथा विद्यालय भवन से व्यवस्थित तरीके से बाहर निकलना चाहिए। मॉक ड्रिल के माध्यम से बच्चों को आपात स्थिति में अनुशासन एवं संयम बनाए रखने का अभ्यास कराया गया। जवानों ने बताया कि सही समय पर सही निर्णय कई जिंदगियां बचा सकता है।


इसके बाद आग लगने की स्थिति में बचाव एवं नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी गई। एसएसबी कर्मियों ने फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का लाइव प्रदर्शन करते हुए आग बुझाने की विभिन्न तकनीकों को समझाया। बच्चों को स्वयं आग बुझाने का अभ्यास भी कराया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान रसोई गैस, बिजली शॉर्ट सर्किट एवं अन्य कारणों से लगने वाली आग से बचाव के उपाय भी बताए गए।

कार्यक्रम में प्राथमिक उपचार पर विशेष जोर दिया गया। जवानों ने बच्चों को घायल व्यक्ति की सहायता करने, रक्तस्राव रोकने तथा सर्पदंश की स्थिति में तुरंत किए जाने वाले प्राथमिक उपचार की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही कंबल की सहायता से अस्थायी स्ट्रेचर बनाकर घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। बच्चों ने इस प्रशिक्षण को काफी रुचि एवं उत्साह के साथ सीखा।

इस अवसर पर एसएसबी के कुल 18 जवान मौजूद रहे, जिनमें निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी एवं चालक शामिल थे। कार्यक्रम में विद्यालय के 86 छात्र, 101 छात्राएं, 4 शिक्षक एवं 5 ग्रामीण महिलाओं सहित कुल 196 लोगों ने भाग लिया।
विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने एसएसबी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को न केवल जागरूक बनाते हैं, बल्कि आपदा के समय आत्मविश्वास एवं त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करते हैं।

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