ठाकुरगंज/कुलभूषण सिंह
ठाकुरगंज सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी देखी जा रही है। गैस की इस किल्लत से होटल संचालकों, चाय-नाश्ते की दुकानों और छोटे खाद्य व्यवसायियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गैस एजेंसियों से बार-बार संपर्क करने के बावजूद जरूरत के अनुसार सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे खाना पकाने में गंभीर दिक्कतें हो रही हैं।
संकट के कारण कई दुकानदारों को आधुनिक गैस चूल्हों की जगह पुराने कोयले और लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ सामग्री बनाने में अधिक समय लग रहा है, बल्कि कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
बीती रात हुई बारिश ने दुकानदारों की परेशानी और बढ़ा दी है। बारिश के कारण सूखी लकड़ी मिलना भी मुश्किल हो गया है, जिससे लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना भी चुनौती बन गया है।
स्टेशन रोड स्थित मिठाई दुकानदार निर्मल अधिकारी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में उन्होंने लकड़ी का चूल्हा बनाकर काम चलाना शुरू किया है, लेकिन सूखी लकड़ी भी आसानी से नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति कुछ दिनों तक और ऐसी ही रही तो दुकान बंद करने की नौबत आ सकती है।
कमोबेश यही हाल ठाकुरगंज के चाय-नाश्ते और होटल चलाने वाले अन्य व्यवसायियों का भी है। गैस की कमी के कारण उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों को भी इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि गैस का कोई संकट नहीं है और आपूर्ति सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की ओर से भी उत्पादन बढ़ाने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल के तनाव के कारण एलपीजी आयात प्रभावित हुआ है, जिससे कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और आपूर्ति भी बाधित हुई है। इसका असर अब स्थानीय बाजारों में भी देखने को मिल रहा है।



























