अभिभावकों ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर लगाया प्रश्नचिह्न

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पांच दिनो से छात्र नहीं आते हैं विद्यालय

डंडखोरा /कटिहार— प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सिहला में बच्चों के मध्याह्न भोजन योजना में अनियमियता बरते जाने का मामला सामने आया है। योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता बरते जाने तथा शिकायत करने के बाद भी इसमें सुधार नहीं होने से आक्रोशित अभिभावकों ने पिछले पांच दिनों से अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है।

ग्रामीणों द्वारा उठाये गये इस कदम से विद्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है और पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया है।अभिभावकों के विरोध का असर सोमवार को भी देखने को मिला जब विद्यालय में नामांकित लगभग 150 बच्चों में महज 3 बच्चे हीं उपस्थित पाये गये। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन में गुणवत्ता की भारी कमी रहती है। मेनू के अनुसार भी भोजन नहीं दिया जाता है।

कई बार शिकायत करने के बावजूद भी जब सुधार नहीं हुआ, तो विरोध स्वरूप बच्चों को स्कूल से दूर रखने का सामूहिक निर्णय लिया गया है।जिसकी सूचना होने के बाबजूद भी प्रखंड प्रशासन या शिक्षा विभाग द्वारा अब तक कोई कारवाई नहीं होना निराशाजनक है। मामले को लेकर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रेमलता कुमारी ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध के कारण बच्चों की उपस्थिति नगण्य हो गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले पांच दिनों से छात्र विद्यालय नहीं आ रहे हैं।

प्रधानाध्यापिका ने बताया कि मामले कि पूरी जानकारी वरीय पदाधिकारियों को दे दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मध्याह्न भोजन की व्यवस्था में सुधार नहीं होता और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।

अब लोगों की नजर प्रशासनिक कारवाई पर टिकी है कि इस गतिरोध को दूर कर विद्यालय में पठन-पाठन शुरु करने का क्या प्रयास करता है।प्रशासनिक अनदेखी से जहाॅ शैक्षणिक माहौल बिगड़ता जाएगा।वहीं छात्र-छात्राओं के भविष्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा।ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग से तत्काल गतिरोध दूर करने की अपील की है।

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