किशनगंज/सागर चंद्रा
बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया। हालांकि सदर अस्पताल में दोपहर तक पूर्व की भांति ओपीडी चालू था। बड़ी संख्या में मरीज अपना इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन दोपहर बाद ओपीडी सेवा को बंद कर दिया गया।
जिससे इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से आए कई मरीजों को चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने की सूचना नहीं थी। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें ओपीडी बंद होने की सूचना मिली। नतीजतन उन्हें बिना इलाज कराये ही लौट जाना पड़ा। जबकि सामर्थ्यवान मरीजों को शहर के नर्सिंग होम का सहारा लेना पड़ा।
हालांकि सदर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा चालू रही, लेकिन वहां केवल गंभीर और आपातकालीन मरीजों का ही उपचार किया गया।
बताते चलें कि चिकित्सकों ने अरवल के सिविल सर्जन पर हुए कथित हमले के विरोध में ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया है। भासा की मांग है कि दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर अनवर हुसैन ने बताया कि भासा के आह्वान पर ओपीडी सेवा बंद रखी गई है । लेकिन इमरजेंसी सेवा पूर्ववत संचालित है।





















