सागर चंद्रा/किशनगंज
स्थानीय मंडल कारा में बंद एक महिला की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। बुधवार कर सुबह मंडल कारा के बाथरूम में महिला फांसी के फंदे से झूलती मिली। घटना की जानकारी मिलते ही मंडल कारा में हड़कंप मच गया।
कर्मियों ने उसे जीवित मानकर आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां ड्युटी पर तैनात चिकित्सक ने जांचोपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान कोचाधामन थाना क्षेत्र के टुपामारी पंचायत स्थित बुआलदह वार्ड नंबर 6 निवासी 48 वर्षीय ऊषा देवी उर्फ ऊषा रानी पति अजय कुमार सिन्हा के रूप में की गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही टाउन थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन के द्वारा शव के पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सकों के टीम का गठन किया गया और पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया का वीडियोग्राफी भी कराया गया।
बताते चलें कि मृतका को पुत्रवधू की हत्या के आरोप में कोचाधामन पुलिस ने गत 22 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था। उसके साथ मृतका के पति अमन कुमार सिन्हा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मृतका के परिजनों ने उसकी जमानत के लिए पटना उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी। आगामी 19 जून को मामले की सुनवाई भी होनी थी। परिजनों को उम्मीद थी कि ऊषा देवी जमानत पर रिहा हो जायेगी।
लेकिन बुधवार को उन्हें ऊषा के मौत की जानकारी मिली। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में मृतका के परिजन सदर अस्पताल पहुंच गए। जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। परिजन ऊषा की मौत को संदिग्ध मानकर निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। परिजनों ने मंडल कारा प्रशासन के सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल उठाया है। लेकिन सब की निगाहें अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर जा टिकी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही ऊषा की मौत के कारणों से पर्दा उठ सकेगा।
ज्ञातव्य है कि ऊषा के बेटे अमन की शादी गत वर्ष 6 जून को कमलपुर निवासी सोनी सिन्हा के साथ हुई थी। लेकिन गत वर्ष 7 सितंबर को सोनी की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी। घटना के बाद सोनी की मां पूर्णिमा देवी के लिखित शिकायत पर कोचाधामन थाने में पति अमन कुमार सिन्हा के साथ साथ देवर रोहित कुमार सिन्हा, किरण कुमार सिन्हा, ससुर अजय प्रसाद सिन्हा व सास उषा देवी के विरुद्ध दहेज हत्या का केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी।
मामले की जांच कर रही पुलिस ने पति, देवर और सास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।वहीं जेल अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि महिला बंदी के फांसी लगाने की सूचना मिलते ही उसे फौरन सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि ऊषा रानी फरवरी माह से जेल में बंद थीं और विगत कुछ दिनों से डिप्रेशन का शिकार हो गई थी।
जिसका इलाज एमजीएम मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा था।घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला पदाधिकारी विशाल राज और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार भी सदर अस्पताल पहुंचे और मामले को लेकर आवश्यक पूछताछ उनके द्वारा किया गया।जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि मामले की जांच करवाई जा रही है और जांच के बाद जो भी आवश्यक कदम होगा उठाया जाएगा


























