सिविल सर्जन के निर्देश पर बेलवा पीएचसी प्रभारी ने की थी जांच
सागर चंद्रा/किशनगंज
शहर के लहरा चौक स्थित सेवा हेल्थ केयर के संचालकों के द्वारा अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन कर लोगों के जीवन को खतरे में डालने के आरोप में टाउन थाने में केस दर्ज किया गया है। जांचकर्ता बेलवा पीएचसी प्रभारी डॉक्टर आफताब आलम के लिखित शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार अवैध रूप से संचालित सेवा हेल्थ केयर के द्वारा मरीजों की जान से खिलवाड़ करने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सिविल सर्जन राजकुमार चौधरी ने बेलवा पीएचसी प्रभारी डॉक्टर आफताब आलम को नर्सिंग होम की जांच का निर्देश दिया था।
जांच में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि सेवा हेल्थकेयर का बिहार लघु एवं मध्यम स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठान (स्थापना एवं पंजीकरण) विनियम, 2026 के तहत पंजीकृत नहीं है। इसके बावजूद भी संस्थान का संचालन मोहम्मद सरवर आलम, मोहम्मद असफाक और मोहम्मद अंजार आलम के द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि संस्थान के पास अग्निशमन विभाग की स्वीकृति नहीं थी।
आग लग जाने की स्थिति में उसे बुझाने के लिए पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध नहीं थे। साथ ही जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण से संबंधित दस्तावेजों की वैधता भी समाप्त हो गई थी। इतना ही नहीं संस्थान में कोई प्रशिक्षित पारा मेडिकल कर्मी भी कार्यरत नहीं था। हालांकि निरीक्षण के दौरान नर्सिंग होम में एक भी मरीज को भर्ती नहीं पाया गया। लेकिन नर्सिंग होम में एक ऑपरेशन थिएटर मौजूद था।
वहीं पूछताछ के दौरान संचालकों ने जांच टीम को बताया कि डॉक्टर अरसद आलम (एमबीबीएस, एमएस-सर्जरी) के द्वारा भर्ती मरीजों का सर्जरी का कार्य किया जाता है। जबकि डॉक्टर शाश्वत (एमबीबीएस, एनेस्थेटिस्ट) के द्वारा बेहोशी से संबंधित सेवाएं दी जाती है।
जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने संस्थान के संचालकों के खिलाफ बिना लाइसेंस के नर्सिंग होम संचालित करने के साथ साथ मरीजों के जीवन को खतरे में डालने से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कराने की अनुशंसा की थी। बेलवा पीएचसी प्रभारी डॉक्टर आफताब आलम के लिखित शिकायत पर टाउन थाने में केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।



























