बाढ, शिक्षा, नल जल, समाजिक सुरक्षा पर विशेष फोकस
कटिहार – विकास भवन सभागार में सुबे के खान एवं भूतत्व विभाग-सह- कला एवं संस्कृति विभाग बिहार सरकार
सह-जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में “जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति जिला 20 सूत्री की समीक्षात्मक बैठक एवं जिला आपदा बाढ़ सुखाड़ राहत अनुश्रवण -सह- निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई।
जिसमें जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक एवं
जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के प्रगति की समीक्षा की गयी।बैठक का संचालन अपर समाहर्ता सह प्रभारी जिला पदाधिकारी डा.बिनोद कुमार ने की। बैठक के दौरान शिक्षा,ग्रामीण विकास, नगर विकास, पेयजल, सड़क निर्माण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों की उपलब्धियों एवं कार्य प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गयी।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 1965 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 5,81,145 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं तथा छात्र-शिक्षक अनुपात 37.78 है। शिक्षक उपस्थिति प्रतिशत 90.63 दर्ज किया गया है। साथ ही विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण कर दिया गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से बताया गया कि मई 2026 तक कुल 6,28,086 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया गया। जो कुल लाभार्थियों का 83.36 प्रतिशत है। वहीं मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत अधिकांश विद्यालयों में खाद्यान्न आपूर्ति की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित है।
जल जीवन हरियाली एवं पेयजल योजनाओं के अंतर्गत जिले के सभी लक्षित घरों तक नल-जल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य पूर्णता की ओर है। कुल 5,23,889 घरों को पेयजल सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के अंतर्गत जिले में 33,580 सोलर स्ट्रीट लाइट अधिष्ठापन का लक्ष्य निर्धारित था, जिसमें 98.95 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गयी है।
ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न सड़कों एवं पुलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कई योजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं तथा शेष कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है। मनरेगा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 71.82 लाख मानव दिवस सृजित किये गये, जो लक्ष्य का 93.87 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 90.20 प्रतिशत आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
नगर निगम क्षेत्र में चल रहे स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना, अमृत 2.0 जलापूर्ति योजना एवं शवदाह गृह निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गयी। संबंधित कार्य एजेंसियों को योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँचाना सुनिश्चित करें तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें।
जिला आपदा बाढ़, सुखाड़ राहत अनुश्रवण -सह- निगरानी समिति की बैठक में बताया गया कि संभावित बाढ़-2026 को लेकर जिला प्रशासन पूर्णतः सतर्क, व्यापक तैयारियाँ पूरी कर चुकी है। संभावित बाढ़-2026 से निपटने हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ युद्धस्तर पर पूर्ण कर ली गई हैं।
प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अन्य विभागों द्वारा की गई तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।जिले में राहत एवं बचाव कार्य हेतु सरकारी एवं गैर-सरकारी नावों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कुल 197 सरकारी तथा 317 गैर-सरकारी नावों की व्यवस्था की गई है तथा नाव परिचालन हेतु कम्युनिकेशन प्लान भी तैयार कर लिया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री, खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की खरीद हेतु निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। बाढ़ राहत हेतु जिले में कुल 49,338 पॉलीथीन शीट उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त 73,400 अतिरिक्त पॉलीथीन शीट की मांग की गई है, जिससे कुल उपलब्धता 1,22,738 हो जाएगी। जिले में कुल 417 बाढ़ आश्रय स्थलों का चयन किया गया है, जहां पेयजल, शौचालय एवं बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
साथ ही 627 सामुदायिक रसोई केंद्र भी चिन्हित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों हेतु 61 प्रकार की आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सर्पदंश से बचाव हेतु 27,920 दवा उपलब्ध कराया गया है। जिले के सभी प्रखंडों में कुल 171 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है तथा पंचायत स्तर तक स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर महामारी नियंत्रण की कार्ययोजना तैयार की गई है।
संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों का डेटा “आपदा सम्पूर्ति पोर्टल” पर अद्यतन किया जा रहा है। जिले में कुल 5,89,941 लाभुकों का विवरण अपलोड किया गया है, जिनमें से 5,27,907 लाभुकों का PFMS द्वारा सत्यापन किया जा चुका है। कृषि विभाग की ओर से बताया गया कि संभावित फसल क्षति को देखते हुए वैकल्पिक फसल योजना तैयार की गई है।
किसानों को आवश्यकतानुसार बीज उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जा रही है। पशुपालन विभाग द्वारा बताया गया कि 16 प्रखंडों में पशु चिकित्सा दल का गठन किया गया है ।तथा 61 पशु शिविर स्थलों का चयन किया गया है। जिले में 24×7 जिला आपातकालीन संचालन केंद्र कार्यरत है। आपदा संबंधी सहायता हेतु दूरभाष संख्या 06452-239025, 239026 एवं 242400 तथा मोबाइल संख्या 9470432005 जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों के पदाधिकारियों ससमय जनहित से जौड़े कार्यों को पूरा करने का निदेश दिया।उन्होंने नैतिकता एवं मौलिकता के साथ दायित्वों के निर्वहन का पाठ पढाया।
बैठक में विधायक सह पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, विधान पार्षद अशोक कुमार अग्रवाल, विधायक सह पूर्व सांसद दुलालचंद गोस्वामी, मनोहर प्रसाद सिंह, विजय सिंह, निशा सिंह, कविता देवी, संगीता देवी, महापौर उषा देवी अग्रवाल; जिला परिषद अध्यक्ष, रश्मि सिंह, पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी के अतिरिक्त जिले के सभी मुख्य पार्षद एवं 20 सूत्री के सभी सदस्यगण एवं जिले के सभी संबंधित पदाधिकारीगण मौजूद रहे ।

























