आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, फसल हुआ बर्बाद

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पोल एवं पेड़ गिरने से घंटों आवागमन व बिजली रही बाधित

डंडखोरा/कटिहार – प्रखंड क्षेत्र में शनिवार की देर शाम आये भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। चक्रवाती हवाओं के तेज झोंकों ने क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया था। लोग डर के मारे त्राहिमाम करते घर में दबाने को मजबूर रह।तूफान का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था और यातायात पर पड़ा है ।

जबकि मक्के की फसल के हालात बयां करने लायक नहीं रहा है।तेज रफ्तार से चली हवा ने प्रखंड क्षेत्र के कारण विभिन्न हिस्सों में दर्जनों बिजली के पोल उखड़कर जमीन पर गिर गया तो कई जगहों पर हाईटेंशन तार हीं टूटकर गिर जाने से इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गयी । लोग उमस भरी गर्मी के बीच समय बिताने को मजबूर रहे।विभागीय कर्मियों की तत्परता के बाबजूद समाचार प्रेषण तक पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुलभ नहीं हो पाई है।

तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के बौरा-डंडखोरा,बठैली- सोनैली सहित अन्य मुख्य मार्गों पर विशालकाय पेड़ों और उनकी टहनियां के टूटकर गिर जाने से यातायात बाधित हो रहा। रविवार को ग्रामीणों ने प्रशासन का इंतजार के बाद खुद ही मोर्चा संभाला और आपसी सहयोग से पेड़ों को हटाकर मुख्य मार्गों का यातायात दोबारा चालू करवाया।

आम, लीची के फल से लदे पेड़ों की डालियों के टूटने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है।वहीं बहियार में अपने मकई के फसल की बर्बादी देखकर किसानों के ऑसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। जबकि घरों के टीन के छप्परों और घेरे को हवा उड़ाकर दूर फैक दिया है।हलांकि कहीं से भी जानमाल की क्षति होने की सूचना नहीं है।प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष सह रायपुर मुखिया आलोक चौहान ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान व्यापक क्षति देखने को मिला है।उन्होंने जिला प्रशासन से क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

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