कटिहार – हिन्दी में भक्ति काल के मुर्धन्य कवि संत सूरदास जी का 548वॉं जयन्ती समारोह शहर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरमसिया में दिव्यांगों के सशक्तिकरण हेतु समर्पित राष्ट्रीय संगठन सक्षम कटिहार इकाई की ओर से आयोजित की गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता सक्षम उत्तर बिहार प्रांत के कोषाध्यक्ष अरुण कुमार चौधरी ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित व संगठन मंत्र करके किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में सरस्वती शिशु मंदिर के सचिव अमित कुमार गुप्ता उर्फ बबलू गुप्ता मौजूद रहे। मंच का संचालन शिशु मंदिर के आचार्या प्रिया ने किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने संत कवि सूरदास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब देश मुगलों के अत्याचार से कराह रहा था।
तब सूरदास ने अपनी कृष्ण भक्ति के कारण ब्रजभाषा में भक्ति रस की कविता के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक जागरण कर लोगों को अपने-अपने आराध्य देव से जोड़ने में सफल रहे। वक्ताओं ने कहा कि भक्ति काल के कवि संत सूरदास नेत्रहीन थे। पर भगवान का चित्रण एवं समाज की पीड़ा का वर्णन जो उनकी कविता में मिलता है वह अन्यत्र कहीं नहीं. कार्यक्रम में जिला सचिव मुकुंद मुरारी साह ने बताया कि कवि सूरदास जी का जयंती वैशाख शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है.
साथ ही प्रांत कोषाध्यक्ष अरूण चौधरी ने बताया कि वर्तमान में वही जगतगुरु रामभद्राचार्य ने सूरदास की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए राम मंदिर के मुकदमे में सर्वोच्च न्यायालय के कटघरे में खड़े होकर राम मंदिर के पक्ष में गवाही देकर यह स्थापित कर दिया कि राम लला का प्रतिमा जहॉं विराजमान हैं
वहीं राम जन्मस्थली है. और इसको न्यायालय ने स्वीकार करते हुए राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया और आज उस स्थल पर भव्य राममंदिर खड़ा है. इस बीच सभी भैय्या व बहनों ने भी संत सूरदास के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। साथ ही उनके बीच चित्रकला, निबंध-लेखन व भाषण प्रतियोगिता कार्यक्रम भी रखा गया. जिसमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय को पारितोषिक के रूप में कॉपी,पेंसिल, सॉफ्नर, इरेजर व पेंसिल बॉक्स दिया गया.
शेष भैय्या-बहनों को भी सांत्वना पुरस्कार के रूप में पेंसिल व इरेजर के साथ पेंसिल बॉक्स दिया गया. अंत में विधालय की प्रभारी प्रधानाचार्या नेहा कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन से कार्यक्रम का समापन किया गया।कार्यक्रम को सफल बनाने में शिशु मंदिर के आचार्या प्रिया, अर्चना एवं सेविका नीलू प्रमुख रूप से विधालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक भी शामिल रहे। साथ ही सक्षम से जिला सह सचिव योगेश पूर्वे व सत्यनारायण प्रसाद जिला चरैवेति प्रकोष्ठ प्रमुख भी उपस्थित थे।





























