चार बच्चियों ने हासिल की हाफिज़ा-ए-कुरआन की उपाधि, दस्तारबंदी समारोह में उमड़ा जनसैलाब

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किशनगंज /विजय कुमार साह

टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत झुनकी मुशहरा पंचायत के मुशहरा गांव स्थित मकतब मदरसा फातिमा तुज्जोह्रा लिल बनात में उस समय गर्व और खुशी का माहौल देखने को मिला, जब चार बच्चियों ने हाफिज़ा-ए-कुरआन बनने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस अवसर पर मदरसा परिसर में भव्य दस्तारबंदी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।


कार्यक्रम के दौरान हाफिज़ा बनी बच्चियों को पारंपरिक तरीके से दस्तार पहनाकर सम्मानित किया गया। इस भावुक क्षण में उपस्थित लोगों ने बच्चियों की मेहनत, लगन और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह का माहौल गर्व और उल्लास से भर उठा, जहां अभिभावकों की आंखों में खुशी के आंसू भी झलकते नजर आए।

मौजूद विद्वानों और अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इतनी कम उम्र में कुरआन शरीफ को कंठस्थ करना अत्यंत कठिन कार्य है। यह उपलब्धि बच्चियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सफलता न केवल बच्चियों के परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है और इससे अन्य बच्चों को भी शिक्षा एवं धार्मिक ज्ञान के प्रति प्रेरणा मिलेगी।

मदरसे के शिक्षकों ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य बेटियों को दीन के साथ-साथ आधुनिक और नैतिक शिक्षा प्रदान करना है, ताकि वे समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें और अपने परिवार व समाज का नाम रोशन करें।


इस अवसर पर काजी वसी अहमद, काजी मुंतज़िर आलम, मौलाना रहमत नवाज़, मुफ्ती जफर इमाम, सादुल होदा, नेहाल अहमद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्थानीय ग्रामीणों और मदरसा प्रबंधन की अहम भूमिका रही।

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