करोड़ों की लागत, फिर भी अधर में ‘नारायणपुर’ की राह

SHARE:

ठेकेदार की लापरवाही से ग्रामीण बेहाल

कोढ़ा /कटिहार-ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सरकारें पानी की तरह पैसा बहा रही हैं, लेकिन धरातल पर भ्रष्ट तंत्र और लापरवाह ठेकेदार इन योजनाओं को दीमक की तरह चाट रहे हैं। ताजा मामला कटिहार जिला के कोढ़ा का हैं। कुर्सी नारायणपुर चौक से नारायणपुर तक बनने वाला पथ विभागीय उदासीनता और ठेकेदार की मनमानी का भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।

कागजों पर रफ्तार, जमीन पर सन्नाटा

सूचना पट्ट के अनुसार, इस 1.283 किमी लंबी सड़क के निर्माण के लिए 91.83 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। कार्य की शुरुआत 06 जून 2025 को हुई थी और इसे 05 जून 2026 तक पूरा करना है। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि निर्धारित समय सीमा तो दूर, गुणवत्ता के साथ भी भारी खिलवाड़ किया जा रहा है।

अधूरा निर्माण सड़क के बिटुमिनस पक्की सड़क में भारी देरी देखी जा रही है । पी.सी.सी. कार्य दो सौ फीट हुआ हैं लेकिन पीसीसी ढलाई मात्र 3 इंच ही हैं। योजना बोर्ड में 3 पुलिया और 5 कॉजवे का प्रावधान है, लेकिन इनका निर्माण भी अभी तक नहीं हुआ है, जिससे आने वाले मानसून में ग्रामीणों का संपर्क कटने का खतरा है।

निर्माणस्थल पर न तो पर्याप्त संकेतक हैं और न ही सुरक्षा के इंतजाम। जिससे आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो रही हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार उमाकान्त सिंह द्वारा पीसीसी कार्य में काफी खराब सामग्री का प्रयोग किया गया है। बार-बार शिकायत के बावजूद संवेदक या उनके प्रतिनिधि की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।

सरकारी बोर्ड पर रखरखाव मेनेटेंस के लिए भी 12.026 लाख रुपये आवंटित हैं, लेकिन जब सड़क बनेगी ही नहीं, तो रखरखाव किसका होगा? अगर जल्द ही कार्य चालू नहीं हुआ और निर्माण कार्य को गति नहीं दी गई, तो हम ग्रामीण सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को विवश होंगे और इसकी शिकायत सीधे जिला प्रशासन से करेंगे।”अब प्रशासन पर यह सवाल खड़ा होता है कि क्या वह इन लापरवाह ठेकेदारों पर लगाम कसेगा या फिर जनता की गाढ़ी कमाई ऐसे ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती रहेगी?

Leave a comment

सबसे ज्यादा पड़ गई