कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
जिले के नराँव गाँव में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा चल रही है जिसमे मुक्ति नगरी वाराणसी से पधारे भागवत्मणी, पुराणाचार्य पं०विश्वकान्ताचार्यजी महाराज ने कथा के दौरान कहा की श्रीमद्भागवत कथा हीं मनुष्य को भवसागर रुपी संसार सागर से पार लगा सकती है .
उन्होंने कहा की धर्रशास्त्र का कथन है कि धनवान ग्यानवान,सम्मानवान तो हरेक लोग बन सकते हैं,परन्तु धर्मवान तो तभी बना जा सकता है जब प्रत्यक्ष रूप से ठाकुर कि कृपा होगी. धर्म के मूल में तो केवल श्रीहरी बिराजमान रहते हैं,और कलिकाल में श्रीहरि का वास श्रीमद्भागवत महापुराण मे हीं बताया गया है.


























