कटिहार – गुड़गांव स्थित जीआईटीएम कॉलेज एक बार फिर विवादों में घिर गया है। कॉलेज प्रशासन पर मनमाने ढंग से अतिरिक्त फीस वसूलने और छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगा है। मामला बिहार के कटिहार निवासी प्रतिभा कुमारी जो कॉलेज में बी.फार्मा अंतिम वर्ष की छात्रा से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार, 10 जून 2026 को प्रतिभा कुमारी अपने माता-पिता के साथ गुड़गांव कॉलेज पहुंची थीं।
उस समय कॉलेज के प्राचार्य अरुण मेय से मिलकर उनकी मौजूदगी में हॉस्टल सहित सभी बकाया शुल्क का पूर्ण भुगतान कर दिया गया। भुगतान के बाद कॉलेज प्रशासन ने छात्रा को ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ भी जारी कर दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उसके ऊपर किसी प्रकार की कोई वित्तीय देनदारी शेष नहीं है और उसके बाद अपने अंतिम वर्ष की परीक्षा के लिए जब छात्रा एडमिट कार्ड लेने कॉलेज पहुंची, तो उसे यह कहकर रोक दिया गया कि उसके खाते में ₹37,500 हॉस्टल फीस बकाया है।
छात्रा और उसके परिजन इस अतिरिक्त शुल्क को पूरी तरह अनुचित बताते हुए इसे कॉलेज प्रशासन की मनमानी करार दे रहे हैं।इस बात से छात्रा काफी मानसिक तनाव में है। अंतिम वर्ष की परीक्षा नजदीक होने के बावजूद एडमिट कार्ड जारी नहीं किए जाने से उसके भविष्य पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस संबंध में छात्रा के पिता विपुल कुमार ने कॉलेज प्रशासन को लिखित आवेदन देकर अतिरिक्त शुल्क तत्काल हटाने और बिना किसी बाधा के एडमिट कार्ड जारी करने की मांग की है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि छात्रा को परीक्षा में बैठने से रोका गया या अवैध रूप से अतिरिक्त शुल्क वसूला गया, तो कॉलेज प्रबंधन के विरुद्ध सक्षम न्यायालय एवं संबंधित शिक्षा प्राधिकरण के समक्ष कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कॉलेज प्रशासन इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देता है और छात्रा को समय पर परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलता है या नहीं। कॉलेज द्वारा इस तरह से अवैध उगाही वो गोरखधंधा की शिकायत कोई नई बात नहीं है। जिसे तुल पकड़ते देख हमेशा से कॉलेज प्रशासन समझौता कर मामला को रफा दफा कर देते है।
























