जांच के बाद पता चलेगा कि कौन थे सभी
वहीं डीएम ने कहा – ऐसे लोगों पर की जाएगी विधिक कार्रवाई
पुछताछ के लिए 14 छात्र हिरासत में
कटिहार – – 23 जुलाई को हुए कटिहार समाहरणालय गेट के बाहर देश व्यापी नीट पेपर लीक मामले को लेकर कथित छात्रों का आंदोलन को लेकर सैकड़ों छात्रों ने उग्र आंदोलन किया और देखते ही देखते छात्रों की टोली ने समाहरणालय गेट को आसपास लगे गाड़ियों में..बाइक में तोड़ फोड़ करने लगा। मौके पर मौजूद जब पुलिसकर्मियों ने सभी को समझाने की कोशिश करने लगी तो छात्र और उग्र हो गए और पुलिस पर ही ईंट पत्थर बरसाने लगे, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षार्थ लाठीचार्ज करना शुरू किया, लाठीचार्ज करते हुए पुलिस ने अभी प्रदर्शनकारी छात्राओं को खदेड़ कर भगाया और इसके बाद स्थिति नियंत्रण में किया गया।
मौके पर जिला के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और एसपी परिचय कुमार खुद से दंगा ड्रेस पहनकर मार्च करते हुए सड़क पर उतरे। पूरी घटना को लेकर जब डीएम – एसपी से बात किया तो आंदोलन का अब बड़ा अपडेट सामने आया है, छात्र के द्वारा कटिहार में किए जा रहे आंदोलन का प्रशासनिक अनुमति ही नहीं मिला था और बिना अनुमति के ही कथित सैकड़ों छात्र सड़क से समाहरणालय तक उग्र आंदोलन करते हुए पुलिस पर ईंट पत्थर से हमला कर दिया और सरकारी संपत्तिसमाहरणालय गेट – दीवार और आसपास लगे बाइक को क्षतिग्रस्त करने लगा।
डीएम श्री द्विवेदी ने स्पष्ट बताया कि संविधान में सबको अधिकार है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात को रखने का, लेकिन कुछ लोग मौसम वैधानिक तरीके से एक्टिविटीज शुरू कर दिया, पब्लिक प्रॉपर्टी को डिस्ट्रक्टशन करने की कोशिश किया, सभी को चिन्हित किया जा रहा है और सभी को डिस्पर्स कर दिया गया है..खदेड़ दिया गया।
ऐसे लोगों पर विधिक कार्रवाई कीजाएगी, कुछ लोग आईडेंटिफाई हुए हैं और कुछ लोग डिटेल भी किए गए हैं,। वहीं जिले के पुलिस कप्तान परिचय कुमार ने पूरी घटना को लेकर बताया कि इनलोगों को आंदोलन करने का प्रशासनिक परमिशन ही नहीं मिला था।
इनलीगल प्रोटेस्ट था, इनलीगल मजमा था, उसमें से कुछ और सामाजिक तत्वों के द्वारा पत्थरबाजी शुरू कर दी गई, पत्थर बाजी के जवाब में पुलिस के द्वारा उन्हें खदेड़ा गया है और उनमें से कुछ लोगों को डिटेल भी किया गया है, पूरे मामले का वीडियो फुटेज है, सभी की पहचान करते हुए उन लोगों पर प्राथमिक की दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है, स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है और इलाके में पेट्रोलिंग भी की जा रही है।
एसपी ने बताया कि आंदोलन करने वालों में यह लोग एक्चुअली में कौन थे, सभी का वीडियो फुटेज है। पुलिस ने पुछताछ के लिए 14 छात्रों को हिरासत में लिया है।
आइसा, एसडीपीआई समेत प्रतिबंधित सिमी का भी हाथ होने की संभावना बताया जा रहा है । पर्दे के पीछे कई असंगठित और प्रतिबंधित छात्र संगठन भी हो सकते हैं।
वीडियो और ड्रोन के माध्यम से हो रहा है उपद्रवी छात्रों की पहचान।






















