नशा मुक्ति अभियान में निभाएंगी अहम भूमिका, कॉलेज में खुशी का माहौल
किशनगंज। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित “नशीले पदार्थ नियंत्रण कार्ययोजना (2026-29)” के तहत पूर्णिया विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के मास्टर स्वयंसेवकों (मास्टर प्रशिक्षकों) की सूची जारी की है। इस सूची में मारवाड़ी कॉलेज की दो छात्राओं ईशा साह (स्नातक द्वितीय सेमेस्टर) तथा दिव्या महतो (स्नातक पंचम सेमेस्टर) का चयन मास्टर स्वयंसेवक के रूप में किया गया है।

यह चयन नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग पर रोक लगाने, समाज में व्यापक जन-जागरूकता फैलाने तथा सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। छात्राओं के चयन की खबर मिलते ही महाविद्यालय में खुशी का माहौल है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार ने दोनों छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे महाविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति जैसे गंभीर सामाजिक विषय पर छात्राओं का चयन यह दर्शाता है कि आज की युवा पीढ़ी सामाजिक परिवर्तन के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्हें विश्वास है कि दोनों छात्राएं मास्टर प्रशिक्षक के रूप में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी सह उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. क़सीम अख्तर ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना हमेशा से समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अग्रणी रही है। उन्होंने बताया कि चयनित दोनों छात्राएं मास्टर प्रशिक्षक के रूप में स्वयंसेवकों और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगी। यह उपलब्धि महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के श्री कुमार साकेत, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. मनारुल हक़, डॉ. विज्योता दास, डॉ. उमा शंकर भारती, डॉ. पार्थ बागची, डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. अनुज कुमार मिश्रा, श्री संतोष कुमार, डॉ. कफ़ील अहमद, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. विशाखा सिन्हा, डॉ. राबिया, डॉ. नीलम कुमारी, डॉ. पूजा सहित सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और नशा मुक्ति अभियान की सफलता की कामना की।
























