कटिहार – कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण आत्मा की ओर से विकास भवन सभागार में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने एवं किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सदर विधायक सह बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, पूर्व सांसद सह विधायक दुलाल चंद गोस्वामी, विधायक निशा सिंह, विधायक कविता पासवान तथा जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने की होड़ में रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही फसलों की गुणवत्ता,स्वाद एवं मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने की अपील की। पूर्व सांसद सह विधायक दुलाल चंद गोस्वामी ने रासायनिक खाद एवं जहरीले कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे मिट्टी की उत्पादक क्षमता लगातार घट रही है।
उन्होंने किसानों से पारंपरिक जैविक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अधिक उत्पादन एवं लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया। जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के साथ किसानों के लिए भी लाभकारी है।
उन्होंने गोबर, गोमूत्र एवं अन्य जैविक उर्वरकों के उपयोग पर बल दिया। उप परियोजना निदेशक शशिकांत झा ने किसानों को जैविक खेती,प्राकृतिक खेती,वर्मी कम्पोस्ट निर्माण तथा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अनुदानों की जानकारी दी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने आधुनिक कृषि तकनीकों एवं प्राकृतिक खेती के समन्वय से बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।


























