महानंदा लीफ चायपत्ती जीविका दीदियों की उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी मिसाल : प्रधान महालेखाकार

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किशनगंज/प्रतिनिधि

गुरुवार को प्रधान महालेखाकार बिहार संतोष कुमार, उप महालेखाकार ओमकार, जिला पदाधिकारी किशनगंज विशाल राज ने गुरुवार को पोठिया स्थित टी फैक्ट्री का जायजा वो साथ ही वहाँ के कार्य प्रणाली को जाना।अधिकारियों ने महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन की प्रक्रिया को समझा और जीविका दीदियों से द्वितीय सीजन में अब तक हुए उत्पादन के बारे में जानकारी प्राप्त की। वही महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन प्रक्रिया का निरीक्षण किया।


प्रधान महालेखाकार संतोष कुमार ने जीविका दीदियों द्वारा महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन की सराहना की। कहा, किशनगंज की जीविका दीदियों ने प्रेरणादायी कार्य किया है। महिला उद्यमिता की मिसाल बन रही हैं। जीविका से महिलाएं आत्मनिर्भर बन समाज को दिशा दे रही हैं। कल तक चायपत्ता की खेती और पत्ता तोड़ने के कार्य से जुड़ी जीविका दीदियां, टी फैक्ट्री चला रही हैं। यह गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने बारीकी से द्वितीय सीजन में महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया।

गुणवत्तापूर्ण चायपत्ती उत्पादन को लेकर बहुमूल्य सुझाव और निर्देश दिए।


जीविका दीदियाँ इस सीजन अब तक एक लाख किलो महानंदा लीफ चायपत्ती का उत्पादन कर चुकी हैं। पिछले वर्ष बिहार सरकार कैबिनेट से टी फैक्ट्री मिलने के बाद यह महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन का दूसरा सीजन है.

इसके लिए किसानों से इस सीजन अब तक लगभग 5 लाख 22 हजार किलोग्राम हरा चायपत्ता की खरीद की गई है. महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, द्वारा संचालित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया किशनगंज में इस सीजन महानंदा लीफ चायपत्ती का उत्पादन कार्य किया जा रहा है। 

जीविका डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने बताया कि महानंदा एफ.पी.सी. की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने इस सीजन दस लाख किलो चायपत्ती उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जीविका दीदियों द्वारा उत्पादित महानंदा लीफ चायपत्ती किशनगंज की पहचान बन रही है। पिछले सीजन डेढ़ लाख किलो चायपत्ती तैयार की गई थी। सारी चायपत्ती कि बिक्री हो चुकी है।

जीविका सामुदायिक संगठन, संकुल संघ, किसान उत्पादक समूह, ग्रामीण बाजार इत्यादि के माध्यम से महानंदा लीफ चायपत्ती कि बिक्री की जा रही है. साथ ही महानंदा लीफ चायपत्ती ई मार्केटिंग साईट अमेजन पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध है. पिछले सीजन महानंदा लीफ चायपत्ती की बिक्री से लगभग 2 करोड़ 83 लाख रुपये की प्राप्ति हुई है.

महानंदा एफ.पी.सी. द्वारा संचालित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया किशनगंज में सीधे तौर पर 45 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। जिसमें 21 महिलाएँ और 24 पुरुष कर्मी हैं। विभिन्न पदों पर काम कर रहे इन कर्मियों की तनख्वाह 10 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक है। लगभग अठारह सौ किसानों से चाय पत्ता की खरीद की जा रही है। इन किसानों का चाय पत्ता विभिन्न संग्रहण केंद्रों के माध्यम से 45 किसान संग्रहकों द्वारा टी फैक्ट्री में चाय पत्ता बेचा जा रहा है। किसानों को 7 दिनों के अंदर उनके बैंक खाते में चाय पत्ता की कीमत अंतरण की जा रही है।

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