हत्या की आशंका से क्षेत्र में सनसनी
बरारी/कटिहार – सिक्किम में लापता हुए बरारी क्षेत्र के दो मजदूरों का शव 21 दिनों बाद बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सिक्किम पुलिस ने दोनों शवों को घटनास्थल से करीब 36 किलोमीटर दूर जंगल के पास पत्थरों के बीच से बरामद किया।
शव मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को पोस्टमार्टम के लिए सिक्किम जिला अस्पताल सिंगताम भेजा। जहां पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया।मृतकों की पहचान जयशंकर महतो और त्रिलोकी मेहता के रूप में हुई है। दोनों बरारी प्रखंड क्षेत्र के निवासी थे।और पिछले लगभग पांच वर्षों से सिक्किम में सड़क निर्माण कार्य करने वाली एक कंपनी में मजदूरी का काम कर रहे थे।
मृतक जयशंकर महतो के बड़े भाई नागेन्द्र महतो ने बताया कि 1 मई को मजदूर दिवस के दिन तीन साथी के साथ घूमने के लिए पहाड़ी इलाके में गए थे।इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।बारिश से बचने के लिए दोनों पुल के नीचे छिप गए थे इसके बाद से ही दोनों रहस्यमय तरीके से लापता हो गए।
काफी खोजबीन और प्रयासों के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाया था।उन्होंने बताया कि घटना के 21 दिनों बाद सिक्किम पुलिस ने दोनों शवों को जंगल के पास पत्थरों पर फेंका हुआ बरामद किया।शवों की स्थिति देखकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।मृतक के भाई नागेन्द्र महतो का कहना है कि यह साधारण हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला प्रतीत होता है।
उन्होंने आशंका जताई कि किसी असामाजिक या आतंकवादी तत्वों ने अपहरण कर दोनों की हत्या कर दी और बाद में शवों को जंगल में फेंक दिया।घटना की खबर मिलते ही मृतकों के गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
इधर सिक्किम पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है।दो मजदूरों का शव 21 दिनों बाद मिलने की घटना ने पूरे क्षेत्र में चिंता और बेचैनी का माहौल पैदा कर दिया है।बाहर राज्यों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं।























