पुरानी पीसीसी सड़क पर ही करा दी ‘खानापूर्ति’ वाली ढलाई : ग्रामीण
कोढ़ा /कटिहार – प्रखंड के भटवाड़ा पंचायत वार्ड संख्या 10 विकास के नाम पर सरकारी फंड की बंदरबांट का एक नया मामला जिला परिषद की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। भटवारा पंचायत के वार्ड संख्या 10 में जिला परिषद द्वारा कराई जा रही पीसीसी सड़क ढलाई विवादों के घेरे में है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने पहले से बनी हुई अच्छी-खासी पीसीसी सड़क के ऊपर ही दोबारा ढलाई कर दी है, जो सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित स्थल पर पहले से ही एक मजबूत पीसीसी सड़क मौजूद थी। नियमानुसार, अगर सड़क जर्जर हो तो उसे मरम्मत की आवश्यकता होती है, लेकिन यहाँ विभाग ने पुरानी सड़क को तोड़ने या उसे आधार बनाने के बजाय, उसके ऊपर ही सीमेंट की एक पतली परत चढ़ा दी।
अच्छी स्थिति वाली सड़क पर दोबारा काम करना केवल फंड खत्म करने की साजिश नजर आती है। कार्य में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की बताई जा रही है, जिससे सड़क के जल्द ही उखड़ने का डर बना हुआ है। बिना बेस तैयार किए पुरानी सड़क पर ढलाई करना तकनीकी रूप से गलत है। विभागीय जेई का तर्क: “मरम्मत का काम है” जब इस मामले को लेकर जिला परिषद विभाग के जेई बलवंत सिंह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि यह कोई नई सड़क का निर्माण नहीं, बल्कि “रिपेयरिंग (मरम्मत)” का कार्य चल रहा है।
हालांकि, ग्रामीणों का तर्क है कि अगर यह मरम्मत है, तो रिपेयरिंग के नाम पर पूरे वार्ड की पुरानी सड़कों पर कंक्रीट की परत बिछाना सार्वजनिक धन की बर्बादी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्य की जांच नहीं की गई और गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो वे इसकी शिकायत जिला अधिकारी और उच्चाधिकारियों से करेंगे। लोगों का कहना है कि जहाँ पंचायत में कई जगहों पर नई सड़कों की सख्त जरूरत है, वहाँ बनी-बनाई सड़क को दोबारा ढालना समझ से परे है। सरकारी पैसे का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जेई साहब इसे रिपेयरिंग कह रहे हैं, लेकिन धरातल पर यह सिर्फ खानापूर्ति है। अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर कार्य की जांच कराता है या “रिपेयरिंग” के नाम पर इसी तरह सड़कों पर सीमेंट की परतें चढ़ाकर कागजी खानापूर्ति चलती रहेगी।



























