ठाकुरगंज/मो मुर्तुजा
नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 2 स्थित खोपरा पट्टी में प्रस्तावित अशोक सम्राट भवन निर्माण को लेकर वर्षों से बसे लगभग 40 परिवारों के सामने अब पुनर्वास का संकट खड़ा हो गया है। लंबे समय से सरकारी भूमि पर रह रहे इन परिवारों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद अपने आशियाने की चिंता सताने लगी है। ऐसे में सभी प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
इसी मांग को लेकर करीब 40 परिवारों के प्रतिनिधि नगर पंचायत के मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल के नेतृत्व में ठाकुरगंज अंचल कार्यालय पहुंचे और अंचल अधिकारी मृत्युंजय कुमार से मुलाकात की। इस दौरान परिवारों ने संयुक्त आवेदन सौंपते हुए खुद को भूमिहीन बताते हुए रहने के लिए वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।
परिवारों का कहना है कि वे कई वर्षों से उक्त स्थान पर रहकर जीवन यापन कर रहे थे। अचानक अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू होने और भवन निर्माण की योजना सामने आने से वे बेघर होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।
मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ ही गरीब और भूमिहीन परिवारों के जीवनयापन और अधिकारों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जब तक इन परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी जाती, तब तक उन्हें विस्थापित नहीं किया जाए। साथ ही उन्होंने इन परिवारों के हक के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
वहीं अंचल अधिकारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सभी 40 परिवारों की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन के आधार पर प्रत्येक परिवार की स्थिति की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि संबंधित परिवार वास्तव में भूमिहीन हैं, तो सरकारी नियमों के तहत उन्हें जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
इस दौरान भाजपा नेता अनिल महाराज भी मौजूद रहे और उन्होंने भी प्रभावित परिवारों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी गरीब परिवार बेघर न रहे, इसलिए प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीलता के साथ जल्द समाधान निकालना चाहिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, खोपरा पट्टी क्षेत्र में अशोक सम्राट भवन का निर्माण होने से इलाके में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, वर्षों से बसे परिवारों का विस्थापन प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे में विकास और पुनर्वास के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए जरूरी हो गया है।
फिलहाल, अंचल अधिकारी द्वारा जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रभावित परिवारों में कुछ राहत की उम्मीद जगी है। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और आने वाले फैसले पर टिकी हुई है।




























