विद्यालय के फंड में धांधली का आरोप,शिक्षा समिति की सचिव ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

SHARE:

कोढ़ा /कटिहार- प्रखंड क्षेत्र के नया टोला बिशनपुर से भ्रष्टाचार और दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। नया प्राथमिक विद्यालय नया टोला बिशनपुर की शिक्षा समिति की सचिव प्रीति कुमारी ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पर सरकारी राशि के गबन और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को आवेदन सौंपा है।समग्र शिक्षा अभियान के तहत सत्र 2025-26 के लिए विद्यालय को 25,000 रुपये की राशि प्राप्त हुई थी।

24 फरवरी 2026 को हुई शिक्षा समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि इस राशि का उपयोग विद्यालय में बिजली वायरिंग,पंखा,चौक और डस्टर जैसे आवश्यक कार्यों के लिए किया जाएगा। विभागीय आदेश एसएसए -381 के अनुसार, इन कार्यों को 28 फरवरी 2026 तक पूर्ण कर लेना था। सचिव प्रीति कुमारी का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका संगीता रानी ने बैंक से राशि की निकासी तो कर ली। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी विद्यालय में कोई कार्य नहीं कराया गया।

जब सचिव ने इस संबंध में जानकारी मांगी तो आरोप है कि प्रधानाध्यापिका ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। आवेदन में कहा गया है कि प्रधानाध्यापिका ने सचिव को धमकाते हुए कहा कि आप सचिव हैं, मालिक मत बनिए। आपका काम सिर्फ बैठक में आना और दस्तखत करना है,हिसाब-किताब अधिकारी देखते हैं। ज्यादा शोर किया तो दूसरा सचिव चुन लिया जाएगा। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि प्रधानाध्यापिका बैठक पंजी रजिस्टर में भी हेरफेर करती हैं।

सचिव का कहना है कि प्रधानाध्यापिका स्थानीय पंचायत की ही निवासी हैं। जिसके कारण वे दबंगता से स्कूल चला रही हैं और अपनी जिम्मेदारी के प्रति गंभीर नहीं हैं। पीड़ित सचिव ने जिला पदाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप करने और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन के साथ साक्ष्य के तौर पर बैठक पंजी की छायाप्रति भी संलग्न की गई है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और बच्चों के भविष्य के लिए आए फंड का सही इस्तेमाल सुनिश्चित हो पाता है या नहीं।

Leave a comment

सबसे ज्यादा पड़ गई