कटिहार ग्रामीण – लोक नायक जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से 5जून 1974 को सम्पूर्ण क्रांति का आह्वान किया गया था। यह आन्दोलन बिहार के छात्रों द्वारा भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शुरु की गयी थी जो तत्कालीन ईन्दिरा गांधी सरकार के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी आन्दोलन बन गया।
जेपी सेनानी उन राजनीतिक कार्यकर्ताओं को कहा जाता है। जिन्होने 1974-1977 के बीच लोक नायक जय प्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन में भाग लिया और आपातकाल के दौरान मीसा,डीआईआर कानून के तहत जेल गये थे।18 मार्च 1974से21 मार्च 1977 के बीच जेल मे रहनेवालों को बिहार सरकार द्वारा छः माह से अधिक जेल की यातना सहनेवालों को प्रतिमाह तीस हजार रुपये सम्मान पेंशन तथा छः माह से कम समय तक जेल की सजा पानेवालों को 15000 रूपये प्रतिमाह पेंशन राज्य सरकार द्वारा दी जाती है।
जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में देश भर में आपातकाल का विरोध करने व तत्कातीन सरकार की दमनकारी नीतियों के कारण जेल की यातना सहनेवाले सेनानियों के लिए प्रदेश सरकार की जदयू के मुखिया नीतीश कुमार ने जेपी सेनानी सम्मान पेंशन योजना वर्ष 2009 से आरंभ की है। इसका लाभ अनेक जेपी स्वतंत्रता सेनानी उठा भी रहे हैं।
इस बीच भूमिगत रहकर इस आन्दोलन मे भाग लेनेवाले, इस योजना की लाभ से वंचित रहे मनिहारी क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक जेपी सेनानियों ने राज्य एसटी आयोग के सदस्य तल्लू बासकी को ज्ञापन देकर उक्त योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। सूबे की डबल ईंजन की सरकार में जनहित व जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से आमजन का भरोसा बढा है.
सरकार से लोगों की अपेक्षाएं बढी हैं. ऐसे में प्रखंड क्षेत्र के ऐसे जेपी सेनानियों मे बिजय शंकर राय, रूपक गुहा, डा भोला प्रसाद गुप्ता, रामप्रवेश सिंह, गंगा प्रसाद यादव,अल्ताफ हुसैन, गणेश पासवान, राज कुमार सिंह सहित अनेक लोगों ने श्री बासकी को ज्ञापन सौंपकर पेंशन दिलाने की मांग की है।
श्री बासकी जिले के प्रवास के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमणकर सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की धरातलीय जानकारी ले रहे हैं। श्री बासकी ने जेपी सम्मान पेंशन से वंचित रह गये पात्र लोगों को हर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।


























