किशनगंज /प्रतिनिधि
अनन्य विशेष उत्पाद न्यायाधीश-प्रथम नीरज किशोर सिंह की अदालत ने शराब तस्करी के एक मामले में गुरुवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने एक आरोपी को 7 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी।मामला वर्ष 2017 का है।
विशेष वाद संख्या 135/17(सीआईएस 599/17) और ठाकुरगंज थाना कांड संख्या 37/17 में आरोपी कैलाश कामती निवासी मल्लाहबाड़ी, थाना ठाकुरगंज को दोषी करार दिया गया। यह मामला बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद शुल्क अधिनियम की धारा 30(ए) के तहत दर्ज था।विशेष लोक अभियोजक उत्पाद सुरेन प्रसाद साहा ने अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत पैरवी की और सबूतों के आधार पर साबित किया कि आरोपी अवैध शराब के कारोबार में लिप्त था, जिससे समाज में नशे की समस्या बढ़ रही थी।
अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है और ऐसे अपराध राज्य की नीति के विरुद्ध हैं। आरोपी ने कानून तोड़कर अवैध धंधा चलाया, जिससे युवाओं और पूरे समाज को गंभीर नुकसान पहुंच रहा था।प्रशासन की मुहिम और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। पुलिस एवं उत्पाद विभाग की संयुक्त कार्रवाई से कई मामलों में तस्करों पर भारी जुर्माना और लंबी सजा हो चुकी है।स्थानीय निवासियों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
उनका कहना है कि सख्त सजाएं नशे के खिलाफ जंग में मजबूती देंगी। ठाकुरगंज इलाके में पहले भी कई बार तस्करों के घरों से शराब बरामद हो चुकी है। अब यह सजा अन्य तस्करों के लिए बड़ी चेतावनी है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए छापेमारी और जांच का सिलसिला जारी रहेगा। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह फैसला अवैध शराब कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का मजबूत उदाहरण है।


























