किशनगंज :केंद्र सरकार के नए कृषि विधेयक के विरोध में विपक्षी दल ने सड़क पर उतर कर दिया धरना।

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किशनगंज/धर्मेन्द्र सिंह

जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल अम्बेडकर भवन के निकट केंद्र सरकार के नए कृषि विधेयक के विरोध में विपक्षी दल ने शुक्रवार को सड़क पर उतर कर धरना दिया।धरना प्रदर्शन में बोलते हुए वरीय राजद नेता शाहीद आलम ने बताया कि संसद में किसान विरोधी कृषि बिल पारित होने व एमएसपी बंद कर देने से थोक व गल्ला बिक्री पर सरकार का एकाधिकार स्थापित हो गया है, जिसका परिणाम यह हुआ कि बिहार के कुल खाद्यान्न लक्ष्य का एक फीसद भी खाद्यान्न की खरीद नहीं हो सका है।

यदि एमएसपी एक्ट में संशोधन से किसानों को लाभ मिलता तो बिहार के किसानों की संपन्नता दिखाई पड़ती जबकि वर्ष 2006 के बाद बिहार के किसानों की स्थिति काफी बदतर हो गई है।वहीं इस अवसर पर राजद जिलाध्यक्ष सरवर आलम ने बताया कि इस किसान विरोधी बिल पारित होने के बाद किसान की स्थिति दयनीय हो जाएगी और पूंजीपतियों को इसका लाभ मिलेगा।उन्होने कहा कि किसान और कृषि कार्य से जुड़े मजदूर गांव छोड़कर बड़ी संख्या में रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। लालू राबड़ी के गरीब राज में किसानों को प्रति बीघा मालगुजारी मात्र तीन से पांच रुपये देने होते थे।वहीं भाजपा जदयू सरकार में यह राशि बढ़ाकर 3 सौ से 5 सौ कर दी गई जो सीधे किसानों के सीने पर बुलडोजर चलाने जैसा है।

राजद जिलाध्यक्ष सरवर आलम, यूवा राजद जिलाध्यक्ष शम्स इम्तियाज उर्फ सन्नी की अध्यक्षता में राजद और युवा राजद कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और जिला मुख्यालय में धरना दिया।इस अवसर पर यूवा राजद जिलाध्यक्ष शम्स इम्तियाज उर्फ सन्नी ने केंद्र को किसान विरोधी बताया और कहा कि केंद्र का यह बिल पूरी तरह किसान विरोधी है और जब तक केंद्र सरकार इस बिल को वापस नही लेती है, तब तक चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।इस मौके पर शाहिद आलम समेत पूर्व जिलाध्यक्ष सीमा इंतेखाब, आमना मंजर, देवन यादव, मेराज अनीस, मनोज यादव सभी प्रखंड अध्यक्ष एवं प्रकोष्ट अध्यक्ष मौजूद रहे।

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