हवाकोल के दर्जनटोला गांव में नहीं पहुंची है हर घर नल जल योजना ,ग्रामीण आयरन युक्त पानी पीने को मजबूर

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किशनगंज/विजय कुमार साह

बिहार सरकार की महत्वकांक्षी योजना हर घर नल जल योजना ग्रामीण क्षेत्र में कागजों पर सिमट कर रह गई, सरकार एवं विभाग सभी पंचायत के सभी वार्डों में प्रत्येक परिवारों को शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है लेकिन धरातल पर देखा जाए तो सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गया है। मामला हवाकोल पंचायत के वार्ड नंबर 3 दर्जन टोला गांव का है। जहां लगभग 200 की आबादी वाले गांव में शुद्ध पेयजल योजना का लाभ नहीं मिल रहा।

गांव में विभाग द्वारा पाइपलाइन तक नहीं बिछाया गया है आज भी ग्रामीण दूषित जल पीने में मजबूर है जिसकी वजह से ग्रामीण कई गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभाग बेखबर है।हवाकोल पंचायत के मुखिया विशेश्वर प्रसाद साह ने बताया कि बीडीओ को भी मौखिक रूप से जानकारी दी गई थी एवं बुधवारी जांच में डीडीसी को भी हर घर नल जल योजना का लाभ हवाकोल पंचायत के कई गांव में आज भी नहीं पहुंची है, शिकायत मेरे द्वारा की गई थी, लेकिन अब तक इन गांव में बिहार सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल जल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

लोग आयरन युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। आयरन युक्त पानी पीने से अनेक तरह की बीमारियां उत्पन्न होती है। जिला पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इन दर्जन टोला, गम्हरिया, ऋषिदेव टोला सहित कई गांव में सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल जल योजना का लाभ जल्द बहाल की जाए।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सभी गांव में हर घर नल जल योजना के तहत शुद्ध पेयजल पहुंचाई जा रही है लेकिन हमारे गांव में सरकार की कल्याणकारी योजनाएं नहीं पहुंच पाई है। सरकार विकास के नाम पर लाख ढिंढोरा पीट ले लेकिन धरातल पर देखा जाए तो सिर्फ कागजों पर विकास की गाथा लिखा जाता है। स्थानीय रंभा देवी, बसंती देवी, कौशल्या देवी, बिजली देवी, मोहनलाल मंडल, देवीलाल मंडल, दया लाल मंडल, शिल्पी कुमारी, जुली कुमारी, अरुण कुमार मंडल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बिहार सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल जल योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।

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