हत्या की घटना का उद्भेदन करते हुए पुलिस ने घटना में शामिल पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार
3 फरवरी को बहादुरगंज थाना क्षेत्र मंजर आलम का मिला था शव
सगे भाई ने रची थी हत्या की साजिश
किशनगंज/प्रतिनिधि
किशनगंज में रिश्तों को शर्मशार करने वाली घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर उद्भेदन करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल किया है।
मालूम हो कि बहादुरगंज थाना क्षेत्र में 3 फरवरी को युवक मंजर आलम की हुई हत्या की घटना का उद्भेदन करते हुए पुलिस ने घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।कार्रवाई बुधवार की रात्रि को अलग अलग स्थानों से की गई।गिरफ्तार आरोपी की पहचान बाबू आलम (28 वर्ष),मुनवर आलम (21 वर्ष),शहबाज आलम (27 वर्ष),नफीस आलम (27 वर्ष) व संजर आलम (32 वर्ष) बहादुरगंज थाना क्षेत्र निवासी के रूप में हुई है।
पुलिस ने दो बाइक ,मोबाइल फोन व हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद किया है।एसपी संतोष कुमार ने गुरुवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि बहादुरगंज थाना क्षेत्र के झिलझिली गांव के निवासी मंजर आलम का शव 3 फरवरी की रात को बहादुरगंज थाना क्षेत्र के निशान्दरा के पास सड़क किनारे मिला था।
मृतक की पत्नी परवीन बेगम ने लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर बहादुरगंज थाना में कांड दर्ज किया। पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए घटना के उद्भेदन के लिए एसडीपीओ गौतम कुमार के नेतृत्व में टीम गठित किया।टीम ने लगातार पूछताछ, तकनीकी साक्ष्य संकलन और मानवीय साक्ष्य जुटाए। जिसके आधार पर घटना का उद्भेदन करते हुए घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
सगे छोटे भाई ने रची थी हत्या की साजिश
प्रारंभ में जब मंजर आलम की हत्या की घटना की जांव शुरू की गई तब, जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। मृतक मंजर आलम की हत्या की घटना की साजिश उसके सगे भाई संजर आलम ने रची थी।मृतक मंजर आलम और उसके सगे भाई संजर आलम के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी।संजर आलम ने इसी रंजिश के कारण घटना को अंजाम दिया। मंजर आलम संजर आलम की नजर में अच्छा व्यक्ति नहीं था। संजर अपने भाई को पसंद नहीं करता था।
सुपारी किलर बुला कर दिया घटना को अंजाम
पकड़े गए मुख्य आरोपी संजर ने अपने साथी मोहम्मद मुनवर को 3 लाख रुपये की सुपारी देकर मंजर आलम की हत्या की योजना बनाई थी। सुपारी मिलने के बाद आरोपियों ने मंजर को सुनसान जगह पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी।हत्या के बाद मोबाइल फोन नष्ट करने और घटना को छिपाने के लिए शव को नदी में फेंकने की कोशिश की थी।लेकिन सफल नहीं हो सका था।
कांड के उद्भेदन में इनका रहा योगदान
टीम में एसडीपीओ वन गौतम कुमार, बहादुरगंज थानाध्यक्ष संदीप कुमार,अवर निरीक्षक दिलशाद खान,अवर निरीक्षक रंजीत कुमार भारती,अवर निरीक्षक सावित्री कुमारी,अवर निरीक्षक प्रियंका कुमारी,अवर निरीक्षक शत्रुध्न कुशवाहा,अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार यादव ,अवर निरीक्षक रामबाबू चौधरी,प्रशिक्षु अवर निरीक्षक नेहा भारती,तकनीकी सेल व सशस्त्र बल शामिल थे।



























