किशनगंज :जिले में कुल 6893 फ्रंटलाइन वर्करों में 1200 एवं कुल 8134 स्वास्थ्यकर्मियों में 6555 का टीकाकरण कार्य पूर्ण

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-फ्रंटलाइन वर्करों में नगर परिषद् एवं नगर पंचायत के कर्मी का भी किया गया टीकाकरण
-कोरोना टीकाकरण के दौरान गाइडलाइन का भी किया जा रहा पालन

किशनगंज /प्रतिनिधि


जिले में कोरोना टीकाकरण जारी है| पहले चरण के स्वास्थ्यकर्मियों एवं फ्रंटलाइन वर्करों का टीकाकरण का कार्य निरंतर जारी है | बुधवार को फ्रंटलाइन वर्करों के लिए जिला पुलिस केंद्र , एस एस बी , बी एस एफ कैम्प में टीकाकरण किया गया | वहीं पहले चरण में छूट गए स्वास्थ्यकर्मियों को भी जिले के अन्य 09 केंद्रों पर कोरोना के टीके पड़े| इस दौरान कोरोना की गाइडलाइन का पालन किया गया|

मैसेज नहीं भी आया है तो टीका लगवाने के लिए जाएं:


टीकाकरण के दौरान कुछ मामले ऐसे भी सामने आ रहे हैं जिनका नाम तो रजिस्टर्ड है, लेकिन उनको तकनीकी समस्या की वजह से मैसेज नहीं आ रहा है.| ऐसे लोग भी केंद्र पर टीका लेने के लिए जा सकते हैं.| साथ में पैन कार्ड और आधार कार्ड लेकर जाना पड़ेगा.| केंद्र पहुंचने पर आपका नाम वहां पर तैनात कर्मी मिलाएगा.| पहचान मिल जाने के बाद आपको कोरोना का टीका पड़ जाएगा.| जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ रफत हुसैन ने बताया कि अगर इस तरह की समस्या आती है तो वह बेझिझक टीका लेने के लिए केंद्र पर पहुंचें|. ऐसे लोगों की जांच के बाद पैन कार्ड और आधार कार्ड से उनकी पहचान को मिलाया जाएगा|. सब कुछ सही रहने पर ऐसे व्यक्तियों को टीका दे दिया जाएगा.






टीका लेने में नहीं करें संकोच:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ रफत हुसैन ने बताया कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है.| इसे लेने से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है.| टीकाकरण के बाद आधे घंटे तक व्यक्ति की निगरानी की जाती है.| इसलिए किसी भी तरह का संकोच नहीं करें.| टीका लेने के बाद आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और आप कोरोना के भय से मुक्त हो जाएंगे.|

स्वास्थ्यकर्मी कर रहे हैं पूरी मेहनत:


जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ रफत हुसैन कहते हैं कि कोरोना काल के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं, लेकिन इन चुनौतियों को जिसने अपनी जिम्मेदारी समझा वह इसका आनंद उठा रहे हैं। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों ने भी कोरोना काल मे अपने काम को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझा।पुलिस लाइन के अंदर तैनात टीम के सदस्य समय से पहले पहुंच जाते हैं और अपने लक्ष्य को भी निर्धारित समय से पहले हासिल कर लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे लोग केंद्र पर बने रहते हैं।अगर कोई आ गया टीका लेने के लिए तो उसे यहां से वापस नहीं जाना पड़े।






कोरोना की गाइडलाइन का भी रखा जा रहा है ख्याल:
डॉ रफत हुसैन कहते हैं कि पुलिस लाइन केंद्र पर टीकाकरण के दौरान कोरोना की गाइडलाइन का ख्याल रखा जा रहा है लोग मास्क पहने रहते हैं और सामाजिक दूरी का पालन करते हैं इसके अलावा टीकाकरण को लेकर भी जो भी गाइडलाइन है. उसका पालन किया जा रहा है।. जैसे कि टीका पड़ने के बाद लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाता है. इसके अलावा यहां पर एंबुलेंस की भी सुविधा है।. अगर किसी को कोई परेशानी हो जाए तो उसका इलाज भी किया जा सकेगा।
जिले में कुल 6893 लक्ष्य के विरुद्ध में 1200 फ्रंटलाइन वर्करों एवं कुल 8134 लक्ष्य के विरुद्ध 6555 स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण कार्य पूर्ण

जिले में स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण कार्य सदर अस्पताल किशनगंज में 1097 के लक्ष्य के विरुद्ध 709 , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ठाकुरगंज में 955 के लक्ष्य के विरुद्ध 847, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बहादुरगंज में 730 के लक्ष्य के विरुद्ध 648, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोठिया में 1008 के लक्ष्य के विरुद्ध 817, माता गुजरी मेडिकल कॉलेज ,किशनगंज में 1850 लक्ष्य के विरुद्ध 1346, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेढ़ागाछ में 486 के लक्ष्य के विरुद्ध 427, सामुदायिक अस्पताल दिघलबैंक में 621 के लक्ष्य के विरुद्ध 566, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किशनगंज में 446 लक्ष्य के विरुद्ध 421, सामुदायिक अस्पताल कोचाधामन में 941 लक्ष्य के विरुद्ध 741 लोगों ने टीका लिया है |वही फ्रंटलाइन वर्करों का टीकाकरण कार्य 12 बटालियन एस एस बी किशनगंज 887 के लक्ष्य के विरुद्ध126 , बी एस एफ में 3284 के लक्ष्य के विरुद्ध 182 , पंचायती राज विभाग एवं राजशा विभाग में 428 के लक्ष्य के विरुद्ध 30 , नगर परिषद् किशनगंज में 183 के लक्ष्य के विरुद्ध 44 , नगर पंचायत बहादुरगंज में 32 के लक्ष्य के विरुद्ध 20 , नगर पंचायत ठाकुरगंज में 42 के लक्ष्य के विरुद्ध 20 , पुलिस विभाग में 859 के लक्ष्य के विरुद्ध 70 लोगों ने टीका लिया है |जिले के सभी टीकाकरण केंद्रों पर प्रतिदिन कम से कम 100 टीका लगाना है। इसके लिए टीकाकरण केंद्र में वेटिंग रूम, रजिस्ट्रेशन रूम, वैक्सीनेशन रूम व ऑब्ज़र्वेशन रूम भी बनाया गया है। टीकाकरण के बाद सभी को आधे घंटे के लिए ऑब्ज़र्वेशन रूम में रखा जा रहा हैं ताकि कोई परेशानी हो तो इसका उपचार स्थानीय स्तर पर जल्द से जल्द किया जा सके।






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