नक्सलबाड़ी:एसएसबी द्वारा 45 दिवसीय नर्सिंग ट्रेनिंग कार्यक्रम का किया गया शुभारंभ

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खोरीबाड़ी /चंदन मंडल

लोग कहते हैं कि जब सब कोई सोते हैं, तो सुरक्षा बल के जवान जागते रहते हैं. जब लोग जागते हैं, तो ये जवान चौकस हो जाते हैं. देश के विभिन्न सैनिकों में से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का भी महत्वपूर्ण स्थान है. कहा जाता है एसएसबी का काम वैसे तो मुख्य रूप से सीमा की रक्षा करना होता है , लेकिन वह सुरक्षा के साथ ही साथ पिछले कई वर्षों से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहनेवाले लोगों का जीवन स्तर सुधारने में भीअहम भूमिका निभा रही है.






अपने सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में हजारों लोगों को कई तरह की रोजगारमूलक प्रशिक्षण दे चुकी है, जिससे लोग अपना रोजगार शुरू कर आय प्राप्त कर रहे हैं. इसी कड़ी में बुधवार को एसएसबी की 41वीं वाहिनी (रानीडांगा) की ओर से सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत 45 दिवसीय नर्सिंग ट्रेनिंग प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया. इसका शुभारंभ 41 वीं वाहिनी के कमांडेंट सुभाष चंद्र नेगी ने किया. इस नर्सिंग ट्रेनिंग में दर्जनों युवतियां ने हिस्सा लिया. इन सभी युवतियों को एसएसबी की सहयोग से 45 दिनों तक नर्सिंग की ट्रेनिंग दी जायेगी. इस मौके पर एसएसबी की 41 वीं वाहिनी के कमांडेंट सुभाष चंद्र नेगी ,इंस्पेक्टर रवि कुमार, पूर्व प्रधान अंजू व्यापारी समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.






मालूम हो कि एसएसबी की 41 वीं वाहिनी की ओर से भारत-नेपाल के विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों में सिलाई, कंप्यूटर समेत विभिन्न तरह के रोजगारमूलक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए . इसमें सैकड़ों युवक-युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का रोजगार कर रहे हैं. इसके अलावा सामाजिक चेतना अभियान, बेटी-बचाओ व बेटी-पढ़ाओ अभियान के तहत भी कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मुहैया कराने हेतु कंप्यूटर प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम भी आयोजित करते रहते हैं. ताकि वे आगे अपना रोजगार खोलकर भविष्य संवार सके.






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