मानसून की पहली परीक्षा से गुजरा तैयबपुर-खड़ना महानंदा पुल निर्माण कार्य, जलस्तर बढ़ने से फिलहाल काम रहेगा प्रभावित
राज कुमार /पोठिया/किशनगंज:
पहाड़ी क्षेत्रों और महानंदा नदी के जलग्रहण इलाके में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद महानंदा सहित जिले की कई नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। गुरुवार रात से महानंदा नदी ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। तेज बहाव का सबसे अधिक असर किशनगंज-ठाकुरगंज सड़क स्थित तैयबपुर-खड़ना के बीच महानंदा नदी पर बन रहे नए आरसीसी पुल निर्माण कार्य पर देखने को मिला।
नदी की तेज धार के कारण निर्माण स्थल पर लगाए गए लोहे के पाइप, स्टेरिंग, सरिया, तख्ते और अन्य अस्थायी सामग्री पानी की चपेट में आ गई।
कई सामान तेज बहाव में बह गए। अचानक बढ़े जलस्तर से निर्माण एजेंसी की परेशानी बढ़ गई है। नदी के बीच लगाए गए अस्थायी स्ट्रक्चर पर पानी का भारी दबाव देखा जा रहा है।
हालांकि पुल निर्माण संवेदक के प्रतिनिधि राजीव कुमार ने बताया कि महानंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से सरकारी स्तर पर किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। नदी में पानी बढ़ने के कारण फिलहाल निर्माण कार्य प्रभावित रहेगा। पानी कम होने के बाद दोबारा तेजी से कार्य शुरू किया जाएगा।
बताते चलें कि किशनगंज-तैयबपुर-ठाकुरगंज-गलगलिया (केटीटीजी) सड़क मार्ग पर स्थित 111 वर्ष पुराने ऐतिहासिक महानंदा पुल के स्थान पर नए आरसीसी पुल का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा घोषित इस महत्वपूर्ण परियोजना को 61 करोड़ 81 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। पुल निर्माण निगम विभाग कटिहार की देखरेख में कार्य कराया जा रहा है।
यह पुल तैयार होने के बाद सीमांचल के लाखों लोगों के लिए आवागमन की बड़ी सुविधा साबित होगा। वर्तमान में पुराने संकरे पुल पर वाहनों की लंबी कतार और जाम की समस्या आम हो गई है। नए पुल के बनने से किशनगंज, ठाकुरगंज सहित आसपास के इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अन्य निर्माणाधीन पुलों की तुलना में तैयबपुर-खड़ना महानंदा पुल निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता बेहतर नजर आ रही है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही पुराने पुल की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
वर्तमान में पोठिया प्रखंड क्षेत्र में चार प्रमुख नदी घाटों पर पुल निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें डोंक नदी पर मिर्जापुर-नोकट्टा, इस्लामपुर-ठाकुरगंज सड़क स्थित शेखपुरा पुल, महानंदा नदी पर तैयबपुर-खड़ना पुल और खरखरी-भेरभेरी महानंदा नदी पुल शामिल हैं।
मानसून की शुरुआत के साथ ही महानंदा नदी का बढ़ता जलस्तर निर्माण एजेंसियों के लिए चुनौती बन गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बरसाती मौसम की इस चुनौती के बीच निर्माण कार्य किस गति से आगे बढ़ता है।


























