फलका /कटिहार – प्रखंड के पंचायत में राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पंचायत चुनाव 2026 का प्रक्रिया विभागीय स्तर पर शुरू हो गई है और पंचायत चुनाव 2026 का प्रपत्र एक का प्रकाशन भी हो चुका है। प्रपत्र एक का प्रकाशन होने के साथ ही फलका प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायत में पंचायत चुनाव को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। जिले से लेकर प्रखंड व पंचायत के राजनीतिक गलियारों में पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है।
वर्तमान पंचायत प्रतिनिधि से लेकर संभावित भावी अभी से ही यत्र तत्र गांव ग्राम की जनता के बीच चर्चा करते नजर आ रहे हैं और समाज सेवा में जुट गए हैं। प्रपत्र-1 का प्रकाशन के साथ ही गांव की चौपाल पर पंचायत चुनाव की चर्चा ग्रामीण कर रहे हैं। तिथि की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
परंतु बीते चार मई को प्रपत्र एक का प्रारूप प्रकाशन हो चुका है और 4 मई से 18 मई 2026 तक दावा और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि निर्धारित की गई है। 4 मई से 22 मई 2026 तक प्राप्त आपत्तियों का निपटारा 5 जून 2026 को प्रपत्र एक का अंतिम प्रकाशन, 9 जून 2026 जिला गजट में अंतिम आंकड़ों का प्रकाशन किया किया जाएगा।
बताया जाता है कि प्रपत्र-1
वर्तमान जनप्रतिनिधियों की वाणी में आई मिठास वर्तमान जनप्रतिनिधि अपनी वाणी में मिठास लिए एक प्रकार से जनसंपर्क के साथ-साथ समर्थकों से सलाह मशवरा भी शुरू कर चुके हैं। हालांकि अभी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लगभग चार से पांच माह वक्त है फिर भी भावी एवं वर्तमान पंचायत चुनाव को लेकर रणनीति बनाने के साथ – साथ गौर फिक्र करने लगे हैं कि ऐसा कौन सा रणनीति अपनाया जाए की चुनाव से पहले ही उनके पक्ष में माहौल बने।
चुनाव के वक्त तक वह माहौल टीका रहे। इस पर भी वर्तमान जनप्रतिनिधि अपने समर्थकों के साथ मंथन करते नजर आने लगे हैं। साथ ही यह भी अब चर्चा होने लगी है कि इस बार कौन-कौन पंचायत चुनाव के अखाड़े में उतरेंगे। अभी से ही जनता से संपर्क बना, गपशप कर नब्ज टटोलते नजर आने लगे हैं। पंचायत चुनाव प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।
इसमें वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर राजस्व ग्रामवार आबादी का विस्तृत ब्यौरा होता है। इसी के आधार पर ग्राम पंचायत पंचायत के मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, वार्ड पंच और जिला परिषद के विभिन्न पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण किया जाता है। विभिन्न पदों के प्रतिनिधि क्षेत्र में बचे खूचे विकास कार्यों को घरातल पर उतारने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।


























